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गुरुवार, 4 जुलाई 2019

अलीगंज : अधिकारी हैं उदासीन, पीड़ित परिवार को है उम्मीद अब डीएम साहब ही करेंगे इंसाफ


अलीगंज (चंद्रशेखर सिंह) - Edited by -Abhishek Kumar Jha.:-

अपने कुकर्मों को लेकर अलीगंज के आरोग्य सेवा क्लिनिक सुर्खियों में रहा है। क्लिनिक संचालक के ढुलमुल रवैये ने एक परिवार के खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। इस नाइंसाफी के न्याय के लिए अलीगंज बाजार निवासी अभिमन्यु गुप्ता ने थाना से लेकर स्वास्थ्य महकमा के आला अधिकारियों तक न्याय की गुहार लगा चुके हैं। अब पीड़ित परिजनों को इंसाफ मिलने की उम्मीद कड़क व ईमानदार जिलाधिकारी पर ही टिकी है।


बता दें कि, अलीगंज बाजार में आधा दर्जन  से भी अधिक नर्सिंग होम व क्लिनिक एमबीबीएस चिकित्सक की बोर्ड लगाकर झोलाछाप चिकित्सक  के द्वारा बड़े -बड़े सीजेरियन ऑपरेशन मोटी रकम लेकर किया जाता है।अलीगंज मुख्य मार्ग  किनारे चल रहे अवैध नर्सिंग होम आरोग्य सेवा क्लिनिक के संचालक डॉ. एस कुमार द्वारा डिग्री धारी चिकित्सक का बोर्ड  लगाकर मरीजों को सीजेरियन ऑपरेशन कर उसके जान से खेला जा रहा है।
आलम ये है कि इन्हें सरकारी नियम कानून की भी प्रवाह नहीं है। बिना रजिस्ट्रेशन के ही वर्षों से संचालित किये जाने का खुलासा सिविल सर्जन जमुई कर चुके हैं।

आरोग्य सेवा क्लिनिक में प्रसुता के बाद पीड़ित परिजनों ने डॉ. एस कुमार पर चंद्रदीप थाना में प्रसुता को जानबुझकर मोटी रकम के चक्कर में हत्या कर दिये जाने को लेकर 53/19 मामला दर्ज कराया था, जिस पर सिविल सर्जन ने जांच दल भेजकर क्लिनिक की जांच करायी। जांच दल ने उक्त क्लिनिक को अवैध करार देते हुए क्लिनिक में विशेषज्ञ सर्जन  व मुरछक सेवा भी उपलब्ध नही होने की बात उजागर हो चुकी है।
स्थानीय कुछ लोग बताते हैं कि स्वास्थ्य सेवा शुरू करने के लिए भी नियम व कायदे हैं, लेकिन झोलाछाप चिकित्सक अधिकारियों से सांठ गांठ कर नियम कानून को ताक पर रखकर बिना निबंधन व बिना विशेषज्ञ सर्जन का सीजेरियन ऑपरेशन कर मरीजों को जान से खेला जा रहा है, जिससे उनका आर्थिक शोषण भी हो रहा है।
पीड़ित अभिमन्यु ने बताया कि जांच के बाद आरोग्य सेवा क्लिनिक को अवैध करार दिया गया है, लेकिन कुछ लोग अधिकारियों से मिलकर मामला को दबाने की कोशिश कर रहे है। इसको लेकर पीड़ित परिजनों ने जिलाधिकारी धर्मेन्द्र कुमार को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच व इंसाफ दिलाने की उम्मीद जताई है। अभिमन्यु बताते हैं कि अधिकारियों के मिलीभगत व उदासीन रवैये से ये मामला महीनों से चल रहा है, ऐसे में मुझे और मेरे परिजनों को अब डीएम साहब से ही न्याय की उम्मीद है।

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