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सिमुलतला : शिक्षिका से दुष्कर्म का प्रयास, नहीं हुआ दोषी गिरफ़्तार, आदिवासियों ने थाना को घेरा


सिमुलतला (गणेश कुमार सिंह) :-
सोमवार को आदिवासी समुदाय के लोगों ने सैकड़ो की संख्या में सिमुलतला थाना का घेराव किया। विगत शनिवार की रात्रि सिमुलतला थाना क्षेत्र के विजोनावास कोठी के निकट एक मनचले युवक ने एक शिक्षिका के साथ दुष्कर्म करने का असफल प्रयास किया था।  लगभग सप्ताह भर बित जाने के बाद भी अभियुक्त की गिरफतारी नही होने पर ग्रामीणों ने सिमुलतला थाना एवं अभियुक्त के घर का घेराव कर दिया। हालांकि  शिक्षिका किसी तरह युवक के चंगुल से भाग अपनी आबरू बचाने में सफल रही। घटना के सुबह पिछले रविवार को शिक्षिका द्वारा घटना की जानकारी सिमुलतला थाना को दी गई। 


थानाध्यक्ष द्वारा पीड़िता को महिला थाना जमुई भेज दिया गया। इस संदर्भ में पीड़ित शिक्षिका ने बताया कि वो एक परीक्षा में भाग लेकर जमुई से पटना हटिया पाटलिपुत्रा एक्सप्रेस से रात्रि के लगभग 8:30 बजे सिमुलतला स्टेशन पर उतरकर वनगांवा गांव स्थित अपना डेरा जा रही थी, स्टेशन से बाहर निकलते ही वनगांवा गांव निवासी दिवाकर गुप्ता उर्फ बिट्टू मोटरसाइकिल से उसके पास आ गया, कहने लगा कि, दीदी, रात में आप अकेले कहां जा रही है ? चलिये, मैं आपको अपनी मोटरसाइकिल से छोड़ देता हूं। शिक्षिका युवक झांसे में आ गई और मोटरसाइकिल पर बैठ गई, युवक द्वारा मोटरसाइकिल वनगांवा गांव के बजाय सिमुलतला आवासीय विद्यालय के रास्ते टीटीचक गांव की तरफ बढ़ने लगा, तभी शिक्षिका ने विरोध किया, लेकिन दिवाकर उर्फ बिट्टू के कानों पर जूं तक नही रेगा। यह देख शिक्षिका नेविजोनवास कोठी के निकट चलती गाड़ी से कूद कर भागने की कोशिश करने लगी तभी उक्त युवक मोटरसाइकिल खड़ा कर महिला के साथ जबर्दस्ती करने लगा। बहुत शोर मचाने के बाद युवक वहां से भागा और महिला अपने घर पहुंची। उक्त घटना में महिला को काफी चोटें भी आई है।



इस संदर्भ में जमुई के महिला थानाध्यक्ष ज्ञान भारती ने बताया कि घटना की जांच कर सिमुलतला थाना को गिरफ्तारी का आदेश दे दिया। लेकिन पूरे सप्ताह बित जाने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर थाना घेराव किये ग्रामीणों का कहना था कि मुझे करवाई नही गिरफ्तारी चाहिए। ग्रामीणों ने सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष ने संयुक्त रूप से तीर कमान, बरछी, भाला आदि  हथियार के साथ सिमुलतला थाना का घेराव किया। सिमुलतला थाना मुख्य फाटक के सामने प्रशाशन हाय हाय , आदिवासी महिला के साथ शोषण करने बन्द करो, आदिवासी महिला को न्याय दो, दोषी दिवाकर को गिफ्तार करो, प्रशाशन मुर्दाबाद मुर्दाबाद आदि के नारे लगा रहे थे। हालांकि थानाध्यक्ष बीरभद्र सिंह के द्वारा जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन के बाद घेराव को हटाया गया।