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अलीगंज : नमाज अदा कर मुसलमान भाइयों ने दी बकरीद की मुबारकबाद

अलीगंज | चन्द्रशेखर सिंह [Edited by- Abhishek Kumar Jha]

प्रखंड के विभिन्न मुस्लिम गांव में मुसलमान भाईयों ईद-बकरीद की अहले सुबह नमाज अदा कर पूर्वजों को याद किया,और उनके याद में कुर्बानी दी। फिर एक दूसरे का मिलने का दौर दिनभर चलता रहा।

-अल्लाह की रजा के लिए लोग देते कुर्बानी-इस्लाम में दो बड़े त्योहार रखे गये हैं। ईद- उल-फितर और ईद-उल-अजहा । ईद -उल-फितर रमजान महीने के खत्म होने के बाद आता है। इसमें भी दो रकात की नमाज पढ़ी जाती है। और मुसलमान यह दुआ करते हैं कि जिस तरह रोजे के दिनों में वे खुदा के अहकाम पर कायम रहे वैसे ही वो हमेशा कायम रहेंगे। उसी तरह ईद उल जोहा का मतलब होता है कुर्बानी की ईद। कुर्बानी का मतलब सिर्फ जानवर की जबह करना नही है। बल्कि मुराद इससे मुराद वही है इसे इबादत के ऐतबार से छोटा हज है। ईद उल जोहा में दो काम होते हैं। पहला सुबह के वक्त मस्जिद में या ईदगाह में दो रकात नमाज पढ़ना और दुसरा जानवर की कुर्बानी करना। इस दिन दुश्मन को भी दोस्त बनाने का दिन होता है। मो. बेलाल ने बताया कि आपसी मिलन का त्योहार है। इस तरह के पर्व से आपसी मिलन होती है। वहीं युवा शक्ति के प्रांतीय नेता शशिशेखर सिंह मुन्ना ने भी मुसलमान भाईयो को मुबारकबाद दी है। बकरीद पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन भी सक्रिय नजर आए।

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