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गुरुवार, 9 अगस्त 2018

11 अगस्त को सूर्यग्रहण और शनैश्चरी अमावस्या पर महासंयोग



[पटना]   ~अनूप नारायण
                                        "शनि की साढ़ेसाती, कालसर्प दोष एवं पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति"
आगामी 11 अगस्त शनिवार को सावन कृष्ण की हरियाली अमावस्या पर सूर्य ग्रहण के साथ शनैश्चरी अमावस्या का महासंयोग बन रहा है I इस युग्म संयोग के होने से शनि दोष तथा पितृ दोष से मुक्ति मिलेगी I
कर्मकांड विशेषज्ञ पं० राकेश झा 'शास्त्री' ने बताया कि अगर किसी जातक को शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है तो उनके लिए यह महासंयोग उत्तम संयोग सिद्ध होगा I शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या को कम करने तथा पितृ दोष से मुक्ति के लिए शनि के बीज मंत्र "ॐ शनैश्चराय नमः" का जाप एवं उड़द दाल की खिचड़ी और तिल के तेल से बने पकवान को गरीबो में दान करने से मुक्ति मिलेगी I इस महासंयोग में शमी के पेड़ की पूजा या घर में इसका पेड़ लगाने से भी तथा जूता-चप्पल, छाता, काला ऊनी वस्त्र दान करने से भी इस दोष से छुटकारा मिल सकता है I
*भारत में नहीं दिखेगा सूर्यग्रहण:-
पंडित राकेश झा ने बताया कि इस दिन लगने वाला खण्ड सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा I यह खण्ड सूर्यग्रहण उत्तरी कनाड़ा, ग्रीन लैण्ड, आईसलैंड, रूस, कजाकिस्तान, मंगोलिया और चीन के अधिकतर भागो में दिखाई देगा I सूर्यग्रहण शनिवार के दिन दोपहर 1:32  बजे से प्रारम्भ होगा तथा संध्या 5:01 बजे खत्म होगा I  इस ग्रहण का मध्य काल 3:16  बजे होगा I ज्योतिषीय एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण जहां दिखाई देता है उसका प्रभाव भी वही होता है I भारत में इस ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं होगा और न ही किसी भी राशियों पर इसका कोई फल घटित होगा I
*अश्लेषा नक्षत्र एवं व्यतिपात योग का युग्म संयोग:-
ज्योतिषी राकेश झा शास्त्री ने बताया कि वराह पुराण के अनुसार इस योग में जाप, वेद पाठ, मानसिक जप, मंत्रोच्चारण करने से जातक के ऊपर भगवान सूर्य तथा गुरु की विशेष अनुकम्पा प्राप्त होती है I ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन कालसर्प दोष, पितृ दोष, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या तथा जीवन के समस्त संकटो से मुक्ति पाया जा सकता है I
*पीपल वृक्ष की पूजा से लाभ:-
पंडित झा ने कहा कि शनैश्चरी अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने के बाद सात प्रकार के अनाज चढ़ा कर उसे गरीबो में वितरित करने से ग्रहण का दान तथा शनि के उपाय दोनों हो जायेंगे I इस उपाय से पितृगण भी प्रसन्न होंगे I
*पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति:-
पं० राकेश झा के कहा अगर जन्म कुंडली में पितृ दोष हो तो शनैश्चरी अमावस्या के दिन पवित्र जल से स्नान कर के पितरो के निमित्त पिंड दान, तर्पण आदि करने से इस दोष से मुक्ति मिलती है I इसके अलावे गरीबो में भोजन, वस्त्र, कंबल, चप्पल, छाता भेंट करने से भी पितृ दोष से छुटकारा पाया जा सकता है I

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