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जमुई के डुमरकोला गांव को भी मिला प्रामाणिक जैविक ग्राम का दर्जा, जिले का बढ़ा मान

Jamui (News Desk) :- कृषि विभाग, ग्रीनपीस इंडिया, समग्र सेवा, जमुई और जीवित माटी कृषक सेवा स्वावलंबी सहकारी समिति, डुमरकोला से जुड़े किसानों ने मिलकर जमुई के दूसरे प्रमाणित जैविक ग्राम की स्थापना की है। बिहार के पहले जैविक ग्राम, बरहट के केड़िया के बाद अब खैरा प्रखण्ड स्थित डुमरकोला के किसान समूह को जैविक प्रमाणन मिला है। कर्मठ किसानों, ज़िला प्रशासन के समर्पित कर्मचारियों और नागरिक समाज के सामुहिक प्रयास ने एक बार फिर से साबित किया है कि सामूहिक प्रयासों से कठिन से कठिन कामों को सहजता से पूरा किया जा सकता है।


फ़िलहाल इस समूह के अंतर्गत 27 किसानों की 10 एकड़ से अधिक ज़मीन का जैविक प्रमाणन हुआ है। हाल ही में किसानों को ईमेल द्वारा प्रमाणन की प्रति हासिल हुई है। इस सफलता के लिए जमुई कृषि पदाधिकारी श्री संजय कुमार ने कहा - "शायद जमुई बिहार का एकमात्र ऐसा ज़िला है जहाँ दो किसान समूहों को सिक्किम बीज एवं जैविक प्रमाणन एजेंसी द्वारा जैविक प्रमाणन हासिल हुआ है। मैं डुमरकोला के किसानों के साथ साथ बिहार जीवित माटी अभियान के जुझारू कार्यकर्ताओं संतोष कुमार सुमन को इस सफलता के लिए बधाई देता हूँ।"
आत्मा के जमुई प्रोजेक्ट निदेशक ने कहा कि हमारा विभाग "जैविक बिहार" के सपने को पूरा करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इस दिशा में हमारे प्रयासों को जैविक प्रमाणन के रूप में मान्यता प्रदान करने के लिए ससोका और बिहार स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी, बस्सोका का आभार व्यक्त करता हूँ।
डुमरकोला सहकारी समिति के सचिव ने निरंजन यादव इस प्रमाणन के लिए ग्रीनपीस इंडिया, आत्मा व कृषि विभाग, जमुई, समग्र सेवा जमुई और बस्सोका का आभार प्रकट किया।