बड़ी खबरें

शिक्षा सेवकों को मिले प्रारंभिक शिक्षक का दर्जा


सोनो :- बिहार राज्य संविदा कर्मी शिक्षा सेवक संघ के जिलाध्यक्ष प्रकाश बौद्ध ने मुख्यमंत्री बिहार सरकार को पत्र लिखकर सूबे के विभिन्न प्रारंभिक विद्यालयों में अपनी सेवा दे रहे शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज को एनआईओएस के माध्यम से दो वर्षीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2007-08 में नीतीश कुमार की सरकार ने ही महादलित एवं अल्पसंख्यक समाज के युवाओं को सूबे की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज के पद पर बहाल की। मानदेय में कालांतर में वृद्धि भी की गई। शिक्षा सेवक/ तालिमी मरकज बच्चों को विद्यालय लाने, उन्हें पढ़ाने के साथ ही अक्षर आंचल योजना से जुड़कर निरक्षर महिलाओं को लगातार साक्षर कर रहे हैं। विभाग कई तरह के कार्य भी हमसे करवा रही है। पर महंगाई के अनुरूप हम लोगों को मानदेय नहीं मिल रहा है।हम हमेशा अपने बच्चों के भविष्य के लिए चिंतित रहते हैं। बिहार राज्य संविदा कर्मी शिक्षा सेवक संघ सरकार से शिक्षा सेवक और तालिमी मरकज को प्रारंभिक शिक्षक में समायोजन की मांग करती है। हमें प्रारंभिक शिक्षक का दर्जा दिया जाए, साथ ही सेवा पुस्तिका संधारित की जाए।