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अलीगंज में दो दिन निकलती है ताजिया जुलूस, मातम में मनाते हैं मुहर्रम

अलीगंज (चंद्रशेखर सिंह) :-
प्रखंड के अलीगंज में दो दिन तक अखाड़े पर ताजिया निकालकर ताजिया जुलूस निकाली जाती है। मुसलमान भाई बड़े उत्साह के साथ अखाड़े का पहलाम करते हैं। प्रखंड के विभिन्न  गांव से इस्लामनगर करवला पर ताजिया पहलाम करने आते हैं। करवला के पास काफी मेला लगती है। 


बताया जाता है कि मातम मनाने और धर्म की रक्षा करने वाले हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम मनाया जाता है, शोक मनाते है और खुशी का त्याग करते हैं। इस्लाम धर्म में मुहर्रम से ही वर्ष की शुरुआत होती है। ऐसा बताया जाता है कि 10वीं तारीख को ही शहादत हुई थी। इसी दिन इमाम हुसैन एवं उनके अनुयायियों की शहादत हुई थी। जिसे लोग मुहर्रम के दिन याद करते हैं,और करवला में जाकर दफन कर शोक मनाते हैं।अलीगंज प्रखंड के दरखा, अलीगंज में ताजिया का निर्माण कर दो दिनों तक जुलूस निकालकर लाठी डंडे एवं अपना करतब दिखाते है। यहां एक दिन बाद करवला में भारी मेला लगती है, और पचास गांव के लोग ताजिया पहलाम करने आते हैं ।अलीगंज चौक चौराहे पर एवं करवला के पास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।प्रखंड के आढा,चंद्रदीप एवं मतबलबा मंगलवार को ही  नवादा जिला के धमौल थाना क्षेत्र के पडरिया करवला में जाकर ताजिया पहलाम किया। अलीगंज एवं दरखा में ताजिया को बड़े ही आकर्षक ढंग से सजावट किया गया है, जो रात को चकाचौंध रोशनी और सजावट देखते ही बन रही है।