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गिद्धौर : धरने पर बैठे शिक्षक समुदाय, सरकार को खुली चेतावनी देकर रखी 8 सूत्री मांग

बोले प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल - "समान वेतनमान से शिक्षकों को वंचित कर राष्ट्रीय शिक्षा कानून का उल्लंघन कर रही है सरकार"

[gidhaur.com | न्यूज़ डेस्क] :-

प्रदेश भर में नियोजित शिक्षक अपने लिए पुराने शिक्षकों वाला वेतनमान और सेवाशर्त लागू करने की मांग लगातार कर रहा है। शनिवार को भी गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय में बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के बैनर  तले प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अमरेश सिंह की अध्यक्षता में शिक्षकों ने धरना दिया और अपनी मांग को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रकट किया । 


इस अवसर पर महाधरना को संबोधित करते हुए बिहार पंचायत - नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष आनंद कौशल सिंह ने चेतावनी दी है कि सरकार के द्वारा जल्द ही नियोजित शिक्षकों की सभी मांगे पूरी नहीं कि गई तो 04 लाख शिक्षक पूरे परिवार के साथ सड़कों पर आकर सरकार के खिलाफ चक्का जाम कर देंगे और अपना हक लेकर रहेंगे। उन्होंने कहा कि 15 साल से नियोजित शिक्षकों को समान वेतन के अधिकार से बंचित कर बिहार सरकार राष्ट्रीय शिक्षा कानून का उल्लंघन कर रही है जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष ने 18 जुलाई को पटना में सरकार के इशारे पर निहत्थे व निर्दोष शिक्षकों पर बर्बरतापूर्वक चलाए लाठी-गोली और झूठे मुकदमे के तहत की गई गिरफ्तारी की तीखी निंदा करते हुए शीघ्र मुकदमा वापस करने की मांग की है। मौके पर शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित 08 सूत्री ज्ञापन प्रखंड विकास पदाधिकारी गिद्धौर को सौंपा ।



धरना कार्यक्रम में शिक्षक संघ के जिला कोषाध्यक्ष राजीव वर्णवाल, प्रखंड अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण यादव, महासचिव ब्रजेश सिंह, मंटू मंडल, कैलाशपति यादव, उमाशंकर प्रसाद,वंदना कुमारी, रंजीत यादव, दयानंद साव, बिकास पासवान, मुरारी गुप्ता, कुमार परवेज, चुनचुन सिंह, खुशबू कुमारी, सुनयना कुमारी, संजय रजक, शुशील सिंह, प्रेमनाथ केशरी, सतीस कुमार, विजय मालवीय, आदित्य कुमार, रंजीत शर्मा, डोली रानी, विनोद सक्सेना, प्रदीप प्रभाकर, सुनील कुमार, मनोज कुमार, पंकज सिंह, अवधेश मालवीय, व्यास यादव, मो. सज्जाद आलम, लाल जी, विपिन यादव, छोटेलाल दास, सुजाता कुमारी, सबुजा कुमारी, बबिता देवी, सुनीता देवी, संतोष कुमार, संजय यादव, मो. सज्जाद हैदर, धर्मेन्द्र पासवान, अरुण मंडल, निरंजन कुमार, रवि कुमार, अजय पासवान, शक्तिधर सर, बाबुल सिंह, अंजू कुमारी, ज्योत्सना कुमारी, सीता कुमारी, मनीषा कुमारी, सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे।


- [ये है शिक्षकों की प्रमुख 8 सूत्री मांगें] -

1]. नियोजित शिक्षकों को पुराने शिक्षकों की भाँति हूबहू वेतनमान दिया जाए।

2]. नियोजित शिक्षकों को पुराने शिक्षकों की भाँति सेवाशर्त, नियोजन इकाई से बाहर स्थानांतरण की सुविधा एवं वेतन संरक्षण का लाभ दिया जाए।

3]. पुरानी पेंशन योजना का लाभ सभी नियोजित शिक्षकों को दिया जाए।

4]. वेतन निर्धारण की विसंगति को दूर किया जाये, ग्रेड पे में 2.57 से गुणा करते हुए नवप्रशिक्षित शिक्षकों का वेतन निर्धारण किया जाए।

5]. 18 जुलाई 2019 को गर्दनीबाग पटना स्थित धरना स्थल पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर गर्दनीबाग थाना में दर्ज किए गए झूठा मुकदमा को शीघ्र वापस लिया जाय और शिक्षकों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज करने वाले पुलिस पदाधिकारियों पर कठोर कानूनी करवाई की जाए ।

6]. पूर्व की भाँति शिक्षकों के अप्रशिक्षित आश्रितों को नियम को शिथिल करते हुए अनुकम्पा का लाभ दिया जाए।

7]. सभी कोटि के नियोजित शिक्षकों को ग्रुप बीमा एवं सामान्य निधि योजना का लाभ दिया जाए।

8]. शहरी क्षेत्र में कार्यरत नियोजित शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तरह शहरी परिवहन भत्ता का लाभ दिया जाए।

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