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सिमुलतला : व्यंग्यकार डॉ. सुधांशु कुमार को मिला शताब्दी सम्मान, लोगों ने दी बधाइयां

सिमुलतला (गणेश कुमार सिंह) :-

बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन की स्थापना के सौ वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी - सम्मान समारोह में व्यंग्यकार , पत्रकार व  संस्कृतिकर्मी शिक्षक डा. सुधांशु कुमार को पटना में हिंदी साहित्य सम्मेलन के सौ वर्ष पूरे होने पर हिन्दी साहित्य सम्मेलन शताब्दी सम्मान से केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सम्मानित किया । 

यह 'शताब्दी-सम्मान' उन्हें सामाजिक , राजनीतिक और सांस्कृतिक  विषयों पर निरंतर सामाजिक-राजनीतिक - सांस्कृतिक व शैक्षणिक मुद्दों व्यंग्य व स्तंभ लेखन कार्य के लिए दिया गया । ढाक के तीन पात (व्यंग्य संग्रह) नारद कमीशन (व्यंग्यात्मक उपन्यास) रंगों के देश में (कविता संग्रह ) सहित तीन कृतियाँ अब तक प्रकाशित हो चुकी है । इसके अलावा  डा. सुधांशु कुमार की तीन पुस्तकें - गोपाल सिंह नेपाली के काव्य में प्रकृति' (आलोचना ग्रंथ) , 'दो टूक' (व्यंग्य संग्रह) और 'पहरुए समय के' प्रकाशन-प्रक्रिया में है । वर्तमान में डा. सुधांशु कुमार सिमुलतला आवासीय विद्यालय में हिन्दी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं । वहां भी वह महाकवि रामइकबाल सिंह राकेश साहित्य परिषद के संयोजक के रूप में उक्त परिषद के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के बीच निरंतर साहित्यिक गतिविधियों का संचालन करते हैं , जिससे बच्चों में भाषिक संस्कार पल्लवित हो सके । उनका मानना है कि बिना भाषिक दक्षता के छात्रों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास संभव नहीं । भाषिक दक्षता के बिना व्यक्ति निष्प्राण पाषाण की तरह होता है । भाषा के द्वारा ही उनमें संस्कार और संस्कृति पल्लवित पुष्पित होती है ।  भाषा हममें संस्कार संचरित करती है , तो साहित्य विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष और जूझने की क्षमता विकसित करता है ।आज जरूरत है कि बच्चों को उनकी मातृभाषा में दक्ष किया जाए । क्योंकि बिना मातृभाषा के समुचित विकास के  समाज और राष्ट्र का कल्याण संभव नहीं । महात्मा गांधी ने भी यही सपना देखा था।
समसामयिक व्यंग्य , राजनीतिक - सामाजिक - सांस्कृतिक स्तंभ लेखन हेतू बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन , पटना द्वारा दिए गए इस शताब्दी सम्मान पर सिमुलतला आवासीय विद्यालय के प्राचार्य , उपप्राचार्य और शिक्षकों ने खुशी जाहिर की है । प्राचार्य डा. राजीव रंजन  ने कहा कि यह सम्मान डा. सुधांशु कुमार को देर से दिया गया दुरुस्त सम्मान है । उपप्राचार्य सुनील कुमार ने कहा कि बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन द्वारा सुधांशु कुमार को सम्मानित  किया जाना स्वागतयोग्य है , इससे सिमुलतला आवासीय विद्यालय परिवार खुद को गौरवान्वित महसूस करता है ।  विजय कुमार , डा. जयंत कुमार , रंजय कुमार , डा. प्रवीण कुमार सिन्हा , अनीता मिश्रा , सहित सभी शिक्षकों ने डा. सुधांशु कुमार को इस अवसर पर बधाइयां दी ।