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खुशखबरी! सांख्यिकी कर्मियों के खुलेगें नियोजन द्वार, मिला आश्वासन

{gidhaur.com | भीम राज}  Edited by-Abhishek Kumar Jha.:-

पटना से मिली जानकारी के अनुसार, सांख्यिकी स्वयंसेवक संघ के सैकड़ों युवाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर सूबे के मुखिया नीतीश कुमार तक पहुंचाने को लेकर जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर के साथ सर्कुलर रोड स्थित आवास पर शनिवार को पहुंचकर सांख्यिकी स्वयंसेवकों ने समायोजन के मांग किया, जबकि सैकड़ों युवाओं को  प्रशांत किशोर ने शनिवार को सात सर्कुलर रोड पर बुलाया, जहां उन सांख्यिकी स्वयंसेवकों की समस्याएं सुनी और सकारात्मक आश्वासन भी दिए सांख्यिकी स्वयंसेवकों संघ ने प्रशांत किशोर से अपने परिवार एवं बच्चे के जीवन व्यापन के लिए दो वक्त के दाल रोटी के लिए रोजगार की मांग भी की है। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर से सांख्यिकी स्वयंसेवकों को इस मुलाकात के बाद इनके समायोजन को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं जिसमें हजारों ASV का समायोजन होने की बात भी बताई जा रही है बाकी शेष बचे लोगों के लिए भी नियोजन का द्वार स्वत: खुल जाएगा।


वहीं बताते चले कि पूरे बिहार राज्य से हजारों सांख्यिकी स्वयंसेवकों के समायोजन के लेकर ASV संघ विगत 6 वर्षों से लगातार आंदोलन कर रहे थे, कई बार तो आंदोलन करने के दौरान सांख्यिकी स्वयंसेवकों को पटना पुलिस के मार भी खानी पड़ी लेकिन फिर भी ये लोग संघर्ष करते रहे जो जल्द ही इन लोगों को सफलता मिलने वाली है। 



विदित हो कि सूबे की सरकार ने वर्ष 2012 एवं 2013 में मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवक की बहाली इंटरमीडिएट साइंस में योग्यता रखकर परीक्षा लेकर किया उसके बाद सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवक द्वारा किया गया चाहे वह फसल काटनी ,फसल सर्वेक्षण अभियान, वर्षा पात हो या जनगणना संबंधित कार्य मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवक के द्वारा कराए गए थे। लेकिन जब इन सभी कर्मियों को स्थाई करने की बात आई तो सरकार ने इसके पैनल को जून 2016 में निरस्त कर दिया जिसके कारण सांख्यिकी स्वयंसेवक सड़क पर आ गया। तब सरकार के फैसले को लगभग 14000 सांख्यिकी स्वयंसेवक की तरफ से फर्स्ट बेंच में रिट याचिका दायर करके न्यायमूर्ति ज्योति शरण की एकल पीठ ने जनवरी 2017 में उन दायर रिट याचिकाओं को निष्पादन करते हुए सरकार को सलाह दिया कि यह सभी सांख्यिकी स्वयंसेवक प्रशिक्षित है, इन्हें कार्य पर रखा जा सकता है जहां उन्हें आंशिक सफलता ही मिली। इसको लेकर सभी कर्मचारियों में हर्ष देखा जा रहा है।