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सिमुलतला : ताश के पत्तों पर लगते हैं हजारों के दांव, जुआरियों को प्राप्त है पुलिस का संरक्षण

[ सिमुलतला | बीरेंद्र कुमार

Exclusive Report :-

सिमुलतला थाना क्षेत्र के बाजारों व गांवों में जुआरियों की महफिल प्रात: से ही सजने लग जाते है। लाजमी है कि जुआ अब चोरी छिपे नहीं बल्कि खुलेआम हो रहा है।
जी हां,  ताश के पत्तों पर हजारों के दांव लगा लोग भाग्य आजमा रहे है। भाग्य के इस मोह जाल भरे इस खेल में सैकड़ों परिवार तबाही का शिकार हो चुके है। कहीं ताश के पत्तों पर पपलू तो कहीं किट के नए नए नाम से जुआ के महफ़िल सज रहे है। जिसमें युवा जुआ के लती हो घर की पूंजी गंवा बर्बादी के रास्ते पर है। पहले पुलिस का नाम सुनते ही जुआरी फड़ छोड़ कर भाग खड़े होते थे। बदले समय में अब पुलिस आते जाते रहकर जुआरियों में नाल वसूलने तक सीमित रहने के कारण जुआरियों को कानून का कोई डर नहीं रहता। थाना के आसपास बेखौफ संचालित जुआ अड्डा पुलिस की मौजूदा कार्यशैली की वास्तविकता का अपने में खुलासा किये है।


जानकारी के अनुसार, सिमुलतला थाना क्षेत्र में खुलेआम चल रहे जुआ के आड्डे कानून व्यवस्था का खुला मजाक उड़ा रहे हैं। पुलिस की संरक्षण में चल रहे इस खेल से युवा पीढ़ी तबाह हो रही है, जिनके भविष्य को लेकर अभिभावक भी चतित व परेशान हैं। जबकि अवैध रूप से खेले जा रहे खेल से पुलिस खुद को अनजान बता रही है। पुलिस के नाक के नीचे अवैध कारोबार का खेल खेला जा रहा है। ऐसा भी नहीं कि इसकी जानकारी पुलिस को नहीं है। इसके बाद भी इस पर रोक या कार्रवाई की बात सामने नहीं आई है। इतना ही नहीं पुलिस इस तरह का कारोबार होने से इंकार कर देती है। लोगों का कहना है कि इसके चक्कर में युवा पीढ़ी खुद को बर्बाद कर रही है। इसकी वजह से उनके मां बाप भी उनके भविष्य को लेकर परेशान हैं। इस खेल के संचालकों की पकड़ दूर तक है। इसमें कोई अड़चन ना पड़े, इसके लिए मोटी रकम भी बंधी है। इसलिए कानून के हाथ इनके गिरेबान तक नहीं पहुंच पाते। कभी कभार कार्रवाई हुई भी तो दो चार को कुछ घण्टे थाने में बैठा कर छोड़ दिया जाता है। इससे इनके हौसले और बुलन्द हो जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है की इनके डर से सामने से कोई शिकायत करने की हिम्मत नहीं करता।  जुआ को लेकर यह स्थित किसी एक गांव की  नहीं है। वरन हर गांव में धड़ल्ले से ताश के पत्तों पर जुए के फड़ एक से दूसरे गांवो में प्रात: से ही शुरू हो जाते है।  थाना क्षेत्र सिमुलतला बाजार, खुरंडा, कनौदी, तरौन, नागवे, कल्याणपुर, लहाबन, नागवे गांव सहित पूरे क्षेत्र में सड़क किनारे, चौक चौराहे, खुला मैदान, गली कुची में जुए का खेल धड़ल्ले से चल रहे जुआ अड्डों को लेकर प्रबुद्ध नागरिकों का आरोप है कि पुलिस ने जुआ खेलने की खुली छूट देकर कमाई का जरिया बना छोड़ा है। जिससे छात्र जीवन में ही युवक इसके लती होकर घर परिवार के लोगो में कलह का कारण बने है। प्राय: हर गांव में ताश के पत्तों पर जुआ की चौपालें प्रात : से देर आधी रात तक संचालित रहती है। जिससे अराजकता की स्थिति बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि नशाखोरी के बाद जुआरी आपस में ही बवाल किये रहते है।

इस संदर्भ में सिमुलतला थानाध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने कहा कि जुआ की सूचना हमे भी मिला है जुआरियों की धड़पकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। लेकिन अबतक एक भी जुआरियों की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। 

विश्वसनीय सूत्रों की यदि मानें तो, क्षेत्र में जुआरी हजारों का दांव लगाकर पुलिस के लिए चुनौती बने रहते हैं। पुलिस का जानते हुए भी मौन रहना क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगो में पुलिस को लेकर संदेह की स्थिति पैदा किया जा रहा है।