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सड़कों पर पसरी गंदगी से गिद्धौर की खूबसूरती पर लगा ग्रहण

गिद्धौर (अभिषेक/सुशांत) : गिद्धौर प्रखंड के पतसंडा पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 8 की इस  तस्वीर पर थोड़ा गौर फरमाइयेगा , यहां पर जमे कचडे के ढेर पंचायत की साफ-सफाई और इसके अंतर्गत आने वाले तमाम वार्डों में बेहतरी के दावे पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं।
  • कचडे के ढेर जनप्रतिनिधियों से करते हैं सवाल
पतसंडा पंचायत के कई वार्ड ऐसे हैं जहाँ के गली-मुहल्लों से पिछले छः माह से भी अधिक समय से कूड़ा का उठाव नहीं किया गया है। ऐसे में गिद्धौर के गलियों-मुहल्लों की स्थिति नारकीय हो गयी है।

हलांकि पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा कुछ चिन्हित प्रमुख जगहों पर स्वच्छता अभियान की सफलता को दर्शाने के उद्देश्य से साफ सफाई की औपचारिकता भर पूरी कर ली गई है। लेकिन पतसंडा पंचायत के गली-मुहल्लों मे रहने वाले निवासियों को अबतक कूडे-कचरे के ढेर से निजात नहीं मिल पाई है।

  • सरकारें बदली लेकिन स्थिति में नहीं हुआ परिवर्तन 
उपरोक्त तस्वीर वार्ड संख्या 8-9 के हालात को बयां करने के लिए काफी है। इस तस्वीर में जिस जगह कूड़ों के ढेर का पहाड़ बना नजर आ रहा है, उस जगह 10 वर्ष पहले तक सड़क हुआ करती थी। लेकिन सत्ताधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की चुप्पी से कचड़े के अम्बार में दिनों दिन बढ़ोतरी होती गई और आज आलम यह है कि यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो चूका है। इस दौरान निचले स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक के सत्ता-शासन में कई बार परिवर्तन भी हुआ लेकिन स्थिति ज्यों के त्यों बनी हुई है।
  • कहते हैं वार्डवासी
इस मोहल्ले में वार्ड संख्या 8 और 9 दोनों में शामिल परिवार के लोग रहते हैं। इन निवासियों का कहना है कि स्वछता के कार्यों में लापरवाही बरतने और प्रतिनिधियों द्वारा नियमित रूप से इसकी मॉनीटरिंग नहीं किये जाने के चलते धीरे-धीरे कचरों का ढेर बढता ही जा रहा है। लिहाजा इसका खामियाजा गिद्धौर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। निष्कर्षतः यदि इस मामले की बात करें तो पतसंडा पंचायत के वार्ड संख्या 8-9 में विकास कार्य की गति सुस्त पड़ी हुई है। सरकार की विभिन्न योजनायें भी जनता को लाभान्वित करने में पूरी तरह से फेल हो चूकी है।

अब यह देखने वाली बात होगी की अभी तक मूकदर्शक बने जनप्रतिनिधिगण कितनी जल्द इसपर ध्यान देकर इस दिशा में आवश्यक कदम उठाते हैं। 

[न्यूज़ डेस्क]
24/02/2018, शनिवार
www.gidhaur.com