- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दी गई श्रद्धांजलि
- शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के मार्ग पर चलने का दिया संदेश
कोल्हुआ/गिद्धौर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत कोल्हुआ पंचायत स्थित जीके जीनियस पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्यों ने महात्मा गांधी को नमन करते हुए उनके व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया।
गांधीजी के आदर्शों को किया गया स्मरण
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्राचार्य सोनू कुमार मिश्रा सहित उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सभी ने बापू के जीवन संघर्ष, स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी ऐतिहासिक भूमिका और देश को सत्य एवं अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले उनके विचारों को स्मरण किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन केवल भारत के स्वतंत्रता संग्राम तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके विचार आज भी संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रासंगिक हैं। सत्य, अहिंसा, प्रेम, सद्भाव, सादगी और सेवा जैसे उनके आदर्श समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य करते हैं।
विद्यार्थियों के जीवन में गांधीवादी मूल्यों की प्रासंगिकता
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को गांधीजी के आदर्शों को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देने पर जोर दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिकता, अनुशासन, जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता का विकास करना भी है। गांधीजी के विचार विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
वक्ताओं ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता, आपसी भाईचारा, सामाजिक समरसता और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का भी संदेश दिया।
विद्यालय परिवार की रही सहभागिता
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य सोनू कुमार मिश्रा, शिक्षक जयंत मिश्रा, मो. दिलशान तथा शिक्षिकाएं अमृता राय, प्रियंका कुमारी एवं निक्की कुमारी उपस्थित रहीं। सभी ने महात्मा गांधी के बताए आदर्शों पर चलने तथा उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके आदर्शों से परिचित कराना तथा उनमें राष्ट्रप्रेम, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना रहा।







