- वॉयस ऑफ पंजाब सीजन 12 की फाइनलिस्ट की गायकी ने मोहा मन
- लोकगीतों और भोजपुरी गीतों की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या में जमाया रंग
गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 17 अक्टूबर 2026, शनिवार : गिद्धौर सांस्कृतिक महोत्सव की दूसरी शाम संगीत और मनोरंजन के नाम रही। कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार, पटना तथा जिला प्रशासन, जमुई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव में वॉयस ऑफ पंजाब सीजन 12 की फाइनलिस्ट गायिका हर्षप्रीत कौर बग्गा ने अपनी शानदार गायकी से दर्शकों का मन मोह लिया। पंजाबी, बॉलीवुड और पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के दौरान दर्शक गीतों की धुन पर झूमते नजर आए।
भक्ति गीत से शुरुआत, पंजाबी गानों ने बढ़ाया उत्साह
हर्षप्रीत कौर ने अपनी प्रस्तुति में भक्ति गीत ‘ऐ गिरी नंदिनी’ सुनाकर माहौल को भक्तिमय बनाया। इसके बाद जिला प्रशासन के अनुरोध पर उन्होंने लोकप्रिय पंजाबी गीत ‘लौंग लाची’ प्रस्तुत किया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनकी गायकी में पंजाबी संगीत की मिठास और सुरों की विविधता देखने को मिली।
बॉलीवुड गीतों और मैशअप ने जीता दिल
सांस्कृतिक संध्या में हर्षप्रीत कौर ने ‘रात बाकी, बात बाकी’ और ‘ढोली तारो ढोल बाजे’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं का मनोरंजन किया। वहीं, ‘माही वे’, ‘बुल्लेया’ और ‘रश्क-ए-कमर’ के मैशअप ने संगीत प्रेमियों का खास ध्यान खींचा। अलग-अलग अंदाज के गीतों के मेल ने कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों को खूब आकर्षित किया।
पंजाबी लोकगीतों पर झूमे संगीत प्रेमी
हर्षप्रीत कौर की प्रस्तुति में पंजाबी गीतों का खास रंग देखने को मिला। ‘सावन में लग गई आग’, ‘तारे गिन गिन’, ‘रमता जोगी’ और ‘ओए होए नी कुड़ियां शहर दियां’ जैसे गीतों ने कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। लोकप्रिय धुनों के बीच दर्शकों ने तालियां बजाकर गायिका का उत्साहवर्धन किया।
भोजपुरी गीतों ने भी जमाया रंग
कार्यक्रम में भोजपुरी गीतों की प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को खूब झुमाया। पंजाबी, हिंदी और भोजपुरी गीतों के संगम ने सांस्कृतिक संध्या को विविधतापूर्ण बना दिया। अलग-अलग भाषाओं के गीतों पर दर्शकों की प्रतिक्रिया ने महोत्सव के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शाया।
गिद्धौर सांस्कृतिक महोत्सव की दूसरी शाम में हर्षप्रीत कौर की गायकी ने संगीत प्रेमियों को मनोरंजन का यादगार अनुभव दिया। पंजाबी संगीत की ऊर्जा, बॉलीवुड गीतों की लोकप्रियता और लोकगीतों की मिठास ने कार्यक्रम को खास बना दिया।


