- पानी के तेज बहाव से उखड़ी कंक्रीट-सीमेंट की परत
- रोजाना गुजरने वाले वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी
झाझा/जमुई (रिपोर्ट : अभिलाष कुमार)। झाझा प्रखंड क्षेत्र में झाझा-गिद्धौर रेलखंड के समीप स्थित भंवरा पुल की सड़क इन दिनों जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। सड़क की कंक्रीट-सीमेंट की ढलाई कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण मार्ग पर छोटे-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। इससे इस रास्ते से होकर प्रतिदिन आवागमन करने वाले राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, टोटो चालकों और स्कूली छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पानी के अधिक बहाव से क्षतिग्रस्त हुई सड़क
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश और पानी के अधिक बहाव के कारण भंवरा पुल से होकर गुजरने वाली सड़क की कंक्रीट-सीमेंट की ढलाई कई जगहों से टूट गई है। सड़क की ऊपरी सतह क्षतिग्रस्त होने के बाद जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। समय बीतने के साथ इन गड्ढों का आकार भी बढ़ता जा रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत नहीं कराई गई तो पानी के बहाव और लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क का और अधिक हिस्सा खराब हो सकता है। इससे आने वाले दिनों में आवागमन की समस्या और गंभीर होने की आशंका है।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का होता है आवागमन
भंवरा पुल का यह रास्ता आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। प्रतिदिन इस सड़क से बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन, टोटो और अन्य छोटे वाहन गुजरते हैं। सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से वाहन चलाना पड़ रहा है।
विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क की स्थिति परेशानी का कारण बनी हुई है। अचानक गड्ढा सामने आने पर वाहन को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। कई जगह सड़क की सतह इतनी असमतल हो गई है कि वाहन चालकों को सुरक्षित रास्ता तलाशते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ना पड़ता है।
केशपुर हाई स्कूल जाने वाले बच्चों की बढ़ी मुश्किल
भंवरा पुल की क्षतिग्रस्त सड़क का असर आसपास के स्कूली बच्चों पर भी पड़ रहा है। क्षेत्र के छात्र-छात्राएं साइकिल से केशपुर हाई स्कूल आने-जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सुबह और दोपहर के समय विद्यार्थियों की आवाजाही अधिक रहती है।
सड़क पर गड्ढों के कारण साइकिल से गुजरने वाले बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। बारिश के समय स्थिति और कठिन हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी जमा हो जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे साइकिल सवार बच्चों के गिरने और चोटिल होने की आशंका बनी रहती है।
बारिश में बढ़ जाता है दुर्घटना का खतरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सामान्य दिनों की तुलना में बारिश के दौरान सड़क की स्थिति अधिक खतरनाक हो जाती है। पानी जमा रहने के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन चालक अनजाने में उसमें चले जाते हैं। इससे विशेष रूप से दोपहिया वाहन असंतुलित होने का खतरा रहता है।
राहगीरों का कहना है कि सड़क की वर्तमान स्थिति को देखते हुए किसी गंभीर दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय समय रहते मरम्मत कराया जाना जरूरी है।
स्थाई समाधान की मांग
स्थानीय वाहन चालक राकेश कुमार, गोलू कुमार, अजीत कुमार और प्रशान्त कुमार सहित अन्य लोगों ने संबंधित विभाग से भंवरा पुल की सड़क का स्थल निरीक्षण कराने की मांग की है। लोगों ने कहा कि केवल मिट्टी या गिट्टी डालकर गड्ढों को भरने से समस्या का स्थाई समाधान नहीं होगा। क्षतिग्रस्त कंक्रीट-सीमेंट की ढलाई को हटाकर मजबूत तरीके से सड़क की मरम्मत कराना आवश्यक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत होने से न केवल वाहन चालकों को राहत मिलेगी, बल्कि स्कूल आने-जाने वाले विद्यार्थियों और पैदल राहगीरों के लिए भी आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
कार्रवाई का इंतजार कर रहे राहगीर
भंवरा पुल से रोजाना गुजरने वाले लोगों की नजर अब संबंधित विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विभागीय अधिकारी सड़क की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कर जल्द आवश्यक कदम उठाएंगे।
लोगों का कहना है कि भंवरा पुल की सड़क की मरम्मत में देरी होने पर क्षति का दायरा बढ़ सकता है और बाद में इसकी मरम्मत में अधिक समय और संसाधन लग सकते हैं। इसलिए जनहित को देखते हुए सड़क की जल्द से जल्द मजबूत एवं स्थायी मरम्मत कराए जाने की आवश्यकता है।







