विकसित भारत के निर्माण में आज के विद्यार्थियों की होगी अहम भूमिका : मनीष पांडेय
बच्चों ने चित्रों के जरिए 2047 के भारत की परिकल्पना की
गिद्धौर/जमुई : विकसित भारत के निर्माण में आज के विद्यार्थियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। वर्ष 2047 में भारत कैसा होना चाहिए, इसकी कल्पना आज के बच्चों को करनी होगी और उस सपने को साकार करने के लिए अभी से खुद को तैयार करना होगा। ये बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष पांडेय ने गिद्धौर स्थित महाराज चंद्रचूड़ विद्यामंदिर प्लस टू विद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यालय परिसर में ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और कल्पनाशीलता के माध्यम से वर्ष 2047 के भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। बच्चों ने चित्रों के जरिए बताया कि वे भविष्य में अपने देश को किस रूप में देखना चाहते हैं। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को देश के भविष्य, विकास और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सोचने का अवसर मिला।
विकसित भारत के सपने को साकार करने में युवाओं की भूमिका अहम
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनीष पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को पूरा करने में वर्तमान पीढ़ी के विद्यार्थियों की अहम भूमिका होगी। भारत आज विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है और आने वाले वर्षों में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में नौवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी वर्ष 2047 तक देश के विकास और नेतृत्व में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने की स्थिति में होंगे। ऐसे में विद्यार्थियों को अभी से अपने लक्ष्य निर्धारित करने, सकारात्मक सोच विकसित करने और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी भूमिका समझने की आवश्यकता है। उन्होंने बच्चों को अपने सपनों को केवल कल्पना तक सीमित नहीं रखने, बल्कि उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी।
लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई और कौशल विकास पर दें ध्यान
कार्यक्रम में डायट के प्राचार्य रत्नाकर ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और नियमित रूप से अध्ययन करना जरूरी है। विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपने ज्ञान, रचनात्मकता और कौशल को भी विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण का आधार है। अध्ययन के साथ नई चीजें सीखने और अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने से वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सकते हैं।
चित्रों के माध्यम से बच्चों ने दिखाई भविष्य के भारत की कल्पना
‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित चित्र प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों और चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। इस गतिविधि ने बच्चों को देश के भविष्य के बारे में स्वतंत्र रूप से सोचने और अपने विचार प्रस्तुत करने का मंच दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक अभिव्यक्ति, राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और विकसित भारत की परिकल्पना के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य आर्या सिंह, भाजपा नेता धर्मेंद्र सिंह, शिक्षक कृष्णकांत झा, कुंदन कुमार सहित अन्य शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित थे।



