गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 26 सितंबर 2026, शनिवार : गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र स्थित कन्या मध्य विद्यालय में शनिवार को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी एवं अर्धवार्षिक मूल्यांकन परिणाम पत्रक वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विद्यार्थियों के अर्धवार्षिक मूल्यांकन से संबंधित परिणाम पत्रक उनके अभिभावकों को उपलब्ध कराया गया। शिक्षकों ने अभिभावकों को उनके बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन, अध्ययन में रुचि, उपस्थिति तथा नियमित पढ़ाई के महत्व के बारे में जानकारी दी। साथ ही विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति को और बेहतर बनाने के लिए विद्यालय एवं घर दोनों स्तरों पर निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
बच्चों की प्रगति में अभिभावकों की भूमिका पर जोर
अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी में शिक्षकों ने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, समय पर विद्यालय पहुंचना, गृहकार्य पूरा करना तथा पढ़ाई के प्रति सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। विद्यालय और परिवार के बीच बेहतर संवाद से बच्चों की शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत प्रगति को और गति मिल सकती है।
इस अवसर पर अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की पढ़ाई से संबंधित विषयों पर शिक्षकों से बातचीत की तथा विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था एवं बच्चों के प्रदर्शन को लेकर जानकारी प्राप्त की। शिक्षकों ने अभिभावकों के सवालों और सुझावों पर भी चर्चा की।
शिक्षक एवं अभिभावकों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक निरंजन पासवान के साथ शिक्षिका रीता कुमारी, सुजाता कुमारी, प्रतिभा रानी, अंशु माला, शिक्षक भारत कुमार सहित विद्यालय के अन्य कर्मी मौजूद रहे। इसके अलावा बड़ी संख्या में अभिभावक एवं विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन करने, अपनी कमजोरियों को पहचानकर उनमें सुधार करने तथा आगामी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी करने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं अभिभावकों से भी बच्चों की पढ़ाई पर नियमित ध्यान देने और शिक्षकों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने की अपील की गई।
अर्धवार्षिक मूल्यांकन परिणाम पत्रक वितरण के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी शैक्षणिक स्थिति का आकलन करने का अवसर मिला। विद्यालय प्रबंधन ने उम्मीद जताई कि अभिभावकों और शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में और सुधार होगा तथा वे आगामी शैक्षणिक गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।







