- जिला पदाधिकारी के निर्देश पर वरीय अधिकारियों ने लिया जमीनी हकीकत का जायजा
- लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी
जमुई/बिहार। जिले में सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली, आम लोगों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभिन्न लोक कल्याणकारी व्यवस्थाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति जानने के लिए गुरुवार को प्रशासन की ओर से विशेष औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में वरीय अधिकारियों की टीम ने मॉडल विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली।
इस दौरान अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों में पहुंचकर केवल कागजी रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर मौजूद व्यवस्था और वास्तविक स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति, निर्धारित दायित्वों के निर्वहन, लाभुकों को मिल रही सुविधाओं तथा संस्थानों के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की बारीकी से जांच की गई।
औचक निरीक्षण अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता विनोद प्रसाद, वरीय उप समाहर्ता सावन, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, डीआरडीए निदेशक राकेश कुमार एवं निदेशक एनईपी सहित अन्य वरीय पदाधिकारी शामिल रहे। अलग-अलग अधिकारियों को विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
मॉडल विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिले के विभिन्न मॉडल विद्यालयों का जायजा लिया। विद्यालयों में पहुंचकर उन्होंने पठन-पाठन की स्थिति, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा विद्यालय में संचालित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली।
अधिकारियों ने यह भी देखा कि विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा निर्धारित समय के अनुसार कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है या नहीं और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं कितनी प्रभावी हैं। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का भी अवलोकन किया गया।
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर
मॉडल विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान मध्याह्न भोजन व्यवस्था को भी विशेष रूप से देखा गया। अधिकारियों ने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया, स्वच्छता, भोजन की गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने से संबंधित व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। भोजन तैयार करने और वितरण के दौरान स्वच्छता के मानकों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपस्थिति और दवाओं की उपलब्धता जांची
औचक निरीक्षण अभियान के दौरान विभिन्न स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी पड़ताल की गई। अधिकारियों ने स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की समयबद्ध उपस्थिति की स्थिति देखी।
इसके साथ ही केंद्रों में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं तथा आवश्यक चिकित्सीय सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और उन्हें निर्धारित स्वास्थ्य सेवाएं समय पर उपलब्ध हों।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली तथा मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने संबंधित कर्मियों को मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुविधाओं की पड़ताल
प्रशासनिक टीम ने आंगनबाड़ी केंद्रों का भी औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति, उनके लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा पूरक पोषण आहार के वितरण की स्थिति की जानकारी ली गई।
अधिकारियों ने यह भी देखा कि बच्चों को निर्धारित पोषण आहार नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं तथा केंद्रों पर बच्चों की देखरेख और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं या नहीं। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन से संबंधित अभिलेखों एवं मौके की वास्तविक स्थिति के बीच भी आवश्यकतानुसार मिलान किया गया।
कमियां मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिन संस्थानों में व्यवस्थाओं से संबंधित कमियां या अनियमितताएं सामने आईं, वहां संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों में उपलब्ध कराई जाने वाली जनसुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्वहन करने, समय पर संस्थान में उपस्थित रहने तथा आम लोगों और लाभुकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सुचारू रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
लापरवाही पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट संदेश दिया कि सरकारी कार्यों में लापरवाही अथवा जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि निरीक्षण में सामने आई कमियों को निर्धारित समय सीमा में दूर नहीं किया गया अथवा भविष्य में कार्यों में लापरवाही पाई गई तो संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन के इस औचक निरीक्षण अभियान को सरकारी संस्थानों की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाने और आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि सरकारी संस्थानों की व्यवस्थाओं की निगरानी आगे भी जारी रहेगी, ताकि योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंच सके।







