जमुई/बिहार। बिहार सरकार के ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लोक शिकायतों के पारदर्शी एवं त्वरित निवारण को लेकर शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला पदाधिकारी ने जनता दरबार लगाया। इस दौरान जिले के सुदूरवर्ती एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने जिला पदाधिकारी के समक्ष अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। जिला पदाधिकारी ने बारी-बारी से सभी फरियादियों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनीं तथा संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
जनता दरबार में विभिन्न लोक कल्याणकारी एवं विकासात्मक विभागों से संबंधित कुल 55 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें सबसे अधिक 29 आवेदन वासगीत पर्चा से संबंधित रहे, जबकि 14 आवेदन भूमि विवाद से जुड़े थे। इसके अलावा अनुमंडल लोक शिकायत निवारण से संबंधित एक, आपदा का एक, परिवहन का एक, खेल का एक, विद्युत से संबंधित दो, बैंकिंग का एक, लघु सिंचाई का एक तथा सिविल सर्जन से संबंधित एक आवेदन प्राप्त हुआ।
मामलों की गंभीरता को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल खानापूर्ति नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित होना चाहिए। साथ ही की गई कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट अविलंब जिला जन शिकायत कोषांग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य आम लोगों को सरकारी सेवाओं का सहज लाभ उपलब्ध कराते हुए उनके जीवन को सुगम बनाना है। जन-समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर शिथिलता, अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने को कहा।
जनता दरबार में जिला पदाधिकारी के त्वरित एवं जनोन्मुखी रुख से फरियादियों ने संतोष व्यक्त किया। मौके पर जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी मो. नजरुल हक सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।







