- 11 अक्टूबर को कलशस्थापन के साथ शुरू होंगे पूजा-अनुष्ठान
- 21 अक्टूबर को विजयादशमी एवं प्रतिमा विसर्जन
गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 28 अगस्त 2026, शुक्रवार : नागी, नकटी और उलाई नदी के पवित्र संगम तट पर स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर, गिद्धौर में वर्ष 2026 के शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। श्री रावणेश्वर संस्कृत महाविद्यालय, गिद्धौर के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. विभूति नाथ झा ने वैदिक एवं पंचांग आधारित गणना के अनुसार पूजा-अनुष्ठानों का कार्यक्रम जारी किया है।
जारी कार्यक्रम के अनुसार शारदीय दुर्गा पूजा का शुभारंभ 11 अक्टूबर 2026 को कलशस्थापन एवं पाठ संकल्प के साथ होगा। इसके बाद नवरात्र के दौरान गहवरा प्रवेश, विल्वाभिमन्त्रण, पत्रिका प्रवेश, महाष्टमी निशापूजा, महाष्टमी व्रत, जागरण, महानवमी, बलिप्रदान, विजयादशमी और प्रतिमा विसर्जन जैसे प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान निर्धारित शुभ मुहूर्त में संपन्न होंगे।
11 अक्टूबर को होगा कलशस्थापन एवं पाठ संकल्प
दुर्गा पूजा कार्यक्रम के तहत आश्विन शुक्ल प्रतिपदा, रविवार 11 अक्टूबर को कलशस्थापन एवं पाठ संकल्प किया जाएगा। इसके लिए प्रातः 5:43 बजे के बाद से पूर्वाह्न 10:04 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
आश्विन शुक्ल पंचमी, गुरुवार 15 अक्टूबर को गहवरा प्रवेश का आयोजन होगा। इसके लिए प्रातः 5:44 बजे के बाद से पूर्वाह्न 10:35 बजे तक का शुभ समय निर्धारित किया गया है।
16 अक्टूबर को विल्वाभिमन्त्रण, 17 को पत्रिका प्रवेश
आश्विन शुक्ल षष्ठी, शुक्रवार 16 अक्टूबर को विल्वाभिमन्त्रण का कार्यक्रम होगा। इसके लिए अपराह्न 4 बजे के बाद से 4:40 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
वहीं आश्विन शुक्ल सप्तमी, शनिवार 17 अक्टूबर को पत्रिका प्रवेश कराया जाएगा। इसके लिए अपराह्न 3:48 बजे के पूर्व का समय निर्धारित है। जारी पंचांग कार्यक्रम के अनुसार सप्तमी तिथि अहोरात्र रहेगी।
महाष्टमी और महानवमी के अनुष्ठान रहेंगे विशेष
दुर्गा पूजा के दौरान महाष्टमी निशापूजा, महाष्टमी व्रत एवं जागरण सहित महानवमी और बलिप्रदान के अनुष्ठान विशेष धार्मिक विधि-विधान के साथ संपन्न होंगे।
महानवमी एवं बलिप्रदान के लिए प्रातः 5:48 बजे से 7:14 बजे तक अथवा पूर्वाह्न 8:40 बजे से अपराह्न 12:51 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। मंदिर परिसर में परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जाएंगे।
21 अक्टूबर को विजयादशमी एवं प्रतिमा विसर्जन
दशहरा एवं विजयादशमी के अवसर पर आश्विन शुक्ल दशमी, बुधवार 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। इसके लिए प्रातः 5:48 बजे से पूर्वाह्न 8:40 बजे तक, पूर्वाह्न 10:06 बजे से 11:32 बजे तक अथवा अपराह्न 12:58 बजे से 2:12 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
वहीं प्रवाह हेतु प्रतिमा निष्क्रमण का समय अपराह्न 2:35 बजे के बाद से सायं 5:11 बजे तक निर्धारित किया गया है।
25 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजा, अगले दिन प्रतिमा विसर्जन
दुर्गा पुजा के उपरांत श्री लक्ष्मी पूजा का आयोजन किया जाएगा। आश्विन शुक्ल पूर्णिमा, रविवार 25 अक्टूबर को पूजन संकल्प का समय रात्रि 7:06 बजे के बाद से रात्रि 8:12 बजे तक निर्धारित किया गया है।
श्री लक्ष्मी पूजा की प्रतिमा का विसर्जन सोमवार 26 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके लिए पूर्वाह्न 6:42 बजे से अपराह्न 1:50 बजे तक का समय निर्धारित है। वहीं प्रवाह हेतु प्रतिमा निष्क्रमण सायं 4:10 बजे से सायं 5:15 बजे तक किया जाएगा।
संगम तट स्थित मंदिर में धार्मिक उत्सव को लेकर बढ़ी उत्सुकता
नागी, नकटी और उलाई नदी के संगम तट पर स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर गिद्धौर क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है।
दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा का विस्तृत कार्यक्रम जारी होने के साथ ही श्रद्धालुओं में आगामी धार्मिक उत्सव को लेकर उत्साह बढ़ गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूजा समितियों और श्रद्धालुओं द्वारा धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियां शुरू की जाएंगी।







