- पंच मंदिर परिसर में स्थानीय ग्रामीणों और समिति सदस्यों की बैठक
- कुल 37.93 लाख की आमदनी और 29.80 लाख रुपये के खर्च की दी गई जानकारी
गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 26 अगस्त 2026, बुधवार : शारदीय दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति की ओर से बुधवार को गिद्धौर स्थित पंच मंदिर परिसर में स्थानीय ग्रामीणों और समिति के सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राजीव कुमार साव उर्फ पिंकू जी ने की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025 में आयोजित दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा के दौरान प्राप्त आय और विभिन्न मदों में हुए व्यय का विस्तृत ब्यौरा स्थानीय ग्रामीणों एवं समिति के सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करना था। बैठक में पूजा आयोजन, मेला व्यवस्था, मंदिर परिसर के विकास एवं रखरखाव सहित विभिन्न मदों में हुई आमदनी और खर्च की जानकारी साझा की गई।
समिति के कोषाध्यक्ष सुबोध कुमार केशरी के द्वारा प्रस्तुत आय-व्यय विवरण के अनुसार वर्ष 2025 की पूजा एवं अन्य गतिविधियों से समिति की कुल आमदनी 37 लाख 93 हजार 694 रुपये दर्ज की गई, जबकि विभिन्न मदों में कुल 29 लाख 80 हजार 153 रुपये का खर्च बताया गया। इस प्रकार 8 लाख 13 हजार 521 रुपये की शुद्ध बचत दर्ज की गई।
विभिन्न स्रोतों से समिति को हुई आय
बैठक में प्रस्तुत लेखा-जोखा के अनुसार समिति को निर्मल प्रितम (किकु) डाक साज के मद में 36 हजार रुपये, कूपन से 5 लाख 18 हजार 731 रुपये, मेला तहबजारी से 45 हजार 400 रुपये तथा मेला की स्थाई दुकानों से 3 लाख 36 हजार 200 रुपये की आय प्राप्त हुई।
इसके अतिरिक्त खेल-तमाशा से समिति को 9 लाख 72 हजार 100 रुपये, पाठाबली कूपन से 1 लाख 60 हजार 200 रुपये, पलंग एवं गाछ से 1 लाख 91 हजार 900 रुपये, मुंडन कूपन से 29 हजार 100 रुपये तथा दानपेटी से 34 हजार 500 रुपये की आमदनी हुई।
आय के अन्य मदों में वर्ष 2026 में टावर झूला लगाने के लिए प्राप्त अग्रिम के रूप में 1 लाख 1 हजार रुपये तथा वर्ष 2024 की शुद्ध बचत के रूप में 13 लाख 68 हजार 563 रुपये शामिल बताए गए।
चांदी का मुकुट, पूजा और पंडाल व्यवस्था पर हुआ प्रमुख खर्च
समिति द्वारा प्रस्तुत व्यय विवरण के अनुसार चांदी का मुकुट बनाने के मद में 4 लाख 99 हजार 632 रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2025 के पूजा मद में 4 लाख 58 हजार 813 रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई।
वहीं पीपल वृक्ष एवं अन्य मरम्मत कार्यों पर 2 लाख 82 हजार 760 रुपये खर्च किए गए। प्रतिमा की ठठरी की मरम्मत तथा ठठरी को तालाब से लाने के लिए मजदूरी मद में 14 हजार 400 रुपये खर्च हुए।
त्रिपुरा सुंदरी तालाब की सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था पर 13 हजार 500 रुपये, मंदिर के रंग-रोगन पर 29 हजार 820 रुपये खर्च किए गए।
पंडाल, लाइट, रोड लाइट और साउंड व्यवस्था पर 8 लाख 89 हजार 617 रुपये का व्यय बताया गया। इसके अलावा दंडवत घाट की साफ-सफाई एवं फूलधार हटाने के कार्य पर 1 लाख 92 हजार 422 रुपये खर्च किए गए।
छठ घाट की सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर भी हुआ खर्च
बैठक में बताया गया कि स्टेशनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री एवं कूपन छपाई पर 1 लाख 80 हजार 72 रुपये खर्च हुए। मेला एवं विधि-व्यवस्था से संबंधित आवश्यक कार्यों पर 64 हजार 780 रुपये खर्च किए गए।
इसके साथ ही छठ घाट की साफ-सफाई के लिए 2 लाख 76 हजार 620 रुपये, शीतला मां की प्रतिमा स्थापना मद में 49 हजार 717 रुपये तथा अन्य मदों में 28 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई।
समिति की ओर से प्रस्तुत यह आय-व्यय विवरण स्थानीय ग्रामीणों के समक्ष रखा गया, जिस पर बैठक में उपस्थित सदस्यों एवं ग्रामीणों ने जानकारी प्राप्त की। बैठक के दौरान आगामी आयोजनों एवं मंदिर परिसर से संबंधित व्यवस्थाओं पर भी चर्चा होने की बात सामने आई।
बड़ी संख्या में समिति सदस्य और ग्रामीण रहे मौजूद
बैठक में समिति के सचिव राजीव कुमार वर्णवाल, उपाध्यक्ष राजेश कुमार उर्फ पाजो जी एवं अजीत कुमार के अलावा मनोहर सिंह, संतोष कुमार सिंह, आशीष कुमार, डॉ. संजय मंडल, रघुवीर राम, दिनेश कुमार साह, बिट्टू रावत, संतोष कुमार, सुभाष रविदास, मथुरा मिस्त्री, उत्तम कुमार झा उर्फ राजा बाबू, नीतीश कुमार, रॉकी कुमार, विकास कुमार साह, सुशांत कुमार मेहता, रोहित कुमार यादव, गोलू कुमार, रंजीत कुमार रावत और राकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में समिति के कार्यकारिणी सदस्य एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।
बैठक को दुर्गा पूजा सह लक्ष्मी पूजा समिति की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और स्थानीय सहभागिता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। पंच मंदिर परिसर में आयोजित इस बैठक के माध्यम से वर्ष 2025 के आयोजन से संबंधित वित्तीय विवरण सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया गया।







