खैरा/जमुई। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 16वीं वाहिनी द्वारा गुरुवार को खैरा प्रखंड के गोली पंचायत अंतर्गत वन क्षेत्र में व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान में एसएसबी के जवानों, वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ-साथ मुड़वरो गांव के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बड़ी संख्या में पौधे रोपे और उनके संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया।
यह कार्यक्रम 16वीं वाहिनी के कमांडेंट अनिल कुमार पठानिया के निर्देशन तथा निरीक्षक (सामान्य) पंकज कुमार गुर्जर के नेतृत्व में 'ए' समवाय परासी द्वारा आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान वन क्षेत्र में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। एसएसबी के जवानों और वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर पौधारोपण किया तथा प्रत्येक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी भी साझा करने का आह्वान किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने भी पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने का संकल्प व्यक्त किया।
इस मौके पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए निरीक्षक (सामान्य) पंकज कुमार गुर्जर ने कहा –
स्वस्थ एवं सुरक्षित पर्यावरण के बिना मानव जीवन की कल्पना अधूरी है। प्रकृति मानव जीवन का आधार है और पेड़-पौधे, जंगल, नदियां, झीलें, भूमि तथा पर्वत पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ता प्रदूषण और अंधाधुंध वृक्षों की कटाई के कारण ग्लोबल वार्मिंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है। दूषित वायु के कारण हृदय एवं फेफड़ों सहित कई गंभीर बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाए और उनकी देखभाल भी सुनिश्चित करे। निरीक्षक गुर्जर ने प्लास्टिक एवं पॉलीथीन के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पर्यावरण को प्रदूषित करने में इनकी बड़ी भूमिका है। उन्होंने लोगों से आज ही यह संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे प्लास्टिक और पॉलीथीन का उपयोग यथासंभव बंद करेंगे तथा अपने आसपास अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर धरती को हरा-भरा और स्वच्छ बनाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में एसएसबी के अधिकारियों, वन विभाग के कर्मियों एवं ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और भविष्य में भी ऐसे जन-जागरूकता अभियानों को निरंतर चलाने की प्रतिबद्धता जताई। एसएसबी अधिकारियों ने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी उनकी सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसी उद्देश्य से समय-समय पर वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।







