गिद्धौर/जमुई (Gidhaur/Jamui), 28 मार्च 2026, शनिवार : जमुई जिले के गिद्धौर–कोल्हुआ–जमुई बायपास रोड की स्थिति दिन-ब-दिन बदहाल होती जा रही है। यह सड़क, जिसे इलाके की ‘लाइफ लाइन’ माना जाता है, आज गड्ढों और उड़ती धूल के कारण लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। सड़क पर हर समय उड़ते धूल के गुबार ने राहगीरों, वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में जैसे ही कोई वाहन गुजरता है, धूल का घना गुबार उठता है, जिससे सामने से आने वाले वाहन तक दिखाई नहीं देते। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा हर समय बना रहता है। खासकर दोपहिया चालकों और पैदल चलने वालों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बायपास रोड के किनारे रहने वाले ग्रामीणों की स्थिति और भी चिंताजनक है। कोल्हुआ गांव की निवासी रागिनी कुमारी बताती हैं कि घर में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है। खाने में धूल के कण आ जाते हैं, पानी भी साफ नहीं रहता और घर के हर सामान पर धूल की मोटी परत जम गई है।
वहीं ऑनलाइन दुकान संचालक धीरज कुमार का कहना है कि धूल के कारण परिवार के लोग बीमार पड़ रहे हैं। हम किसान हैं, खेतों में लगे पौधों और फूलों पर भी धूल जम जाती है, जिससे फसल प्रभावित हो रही है। कोल्हुआ चौक के सब्जी विक्रेताओं ने भी धूल की वजह से व्यापार प्रभावित होने की बात कही है।
शिक्षा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। जीके जीनियस पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सोनू कुमार मिश्रा के अनुसार, रोजाना इस सड़क से गुजरना किसी जोखिम से कम नहीं है। जब बड़ी गाड़ियां गुजरती हैं, तो कुछ भी दिखाई नहीं देता। सांस लेने में भी दिक्कत होती है और रास्ता अत्यंत खराब है।
दूसरी ओर, इस मार्ग पर नियमित रूप से चलने वाले टोटो चालकों अंकित कुमार, पप्पू राम और मनोज राम ने बताया कि सड़क की हालत इतनी खराब है कि गाड़ियों के पुर्जे तक टूट जाते हैं। हर दिन गड्ढों और धूल से जूझना पड़ता है, कई बार हादसे से बाल-बाल बचे हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने, गड्ढों को भरने और धूल नियंत्रण के लिए पानी छिड़काव जैसे उपाय करने की मांग की है, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके। फिलहाल, यह बायपास रोड आमजन के लिए सुविधा के बजाय खतरे का पर्याय बन चुका है।






