जमुई/बिहार। जिले में बालिका एवं महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के तहत समग्र सेवा संस्था द्वारा सोमवार को जमुई स्टेडियम में “बालिका शिक्षा संकल्प सह सम्मान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में पुनः आगे बढ़ने वाली 300 बेटियों एवं महिलाओं को सावित्रीबाई फुले शिक्षा सम्मान से सम्मानित किया गया, जिससे पूरे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और गौरव का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी नवीन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर प्रसाद, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नितिन कुमार, संस्था के सचिव मकेश्वर तथा उपस्थित बालिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस दौरान उन बालिकाओं एवं महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, लेकिन समग्र सेवा संस्था के प्रयासों और मार्गदर्शन से पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़कर सफलता प्राप्त की। यह आयोजन उन सभी के लिए एक नई प्रेरणा बनकर उभरा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि शिक्षा ही सशक्तिकरण का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ने वाली बालिकाएं समाज के लिए मिसाल होती हैं। उन्होंने छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने, अपने लक्ष्य को हासिल करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा।
समग्र सेवा के सचिव मकेश्वर ने अपने संबोधन में बताया कि इन बालिकाओं एवं महिलाओं को बिहार बोर्ड ऑफ ओपन स्कूलिंग एंड एग्जामिनेशन के माध्यम से मैट्रिक परीक्षा की तैयारी कराई गई थी। परीक्षा का आयोजन मुंगेर जिले में किया गया, जिसमें कुल 900 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। इनमें से 292 बालिकाओं ने सफलता प्राप्त कर मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की, जिन्हें आज सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही परीक्षा की तैयारी में सहयोग करने वाली 70 प्रेरक दीदियों को भी अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं ने सरकार के समक्ष अपनी मांगें भी रखीं, जिसमें बीबीओएसई परीक्षा केंद्र को जिला स्तर पर ही आयोजित करने, परीक्षा शुल्क माफ करने तथा अध्ययन सामग्री को सुलभ कराने की मांग प्रमुख रही। साथ ही चिमनी भट्टों पर काम करने वाले परिवारों की बेटियों को भी शिक्षा से जोड़ने पर बल दिया गया।
कार्यक्रम में एडुकेट गर्ल्स, पटना से आईं गुंजन कुमारी एवं प्रकाश कुमार ने भी बालिका शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों सहित चोरमारा एवं भीमभांध क्षेत्र से लगभग 500 लोग उपस्थित रहे।
इस आयोजन के दौरान बालिकाओं के उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “बाल साथी शिक्षा फेलोशिप” की भी शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य ‘खुद पढ़ेंगे और पढ़ाएंगे’ के संकल्प के साथ शिक्षा की मजबूत नींव तैयार करना है।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों ने समग्र सेवा संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन न केवल शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर बालिका अपने जीवन में सफलता की नई ऊंचाइयों को छू सकती है।






