बिहार : विशेष राज्य के दर्जे पर बीजेपी ने जदयू को दिखाया आइना, प्रदेश अध्यक्ष बोले- मुद्दे से भटकना सही नहीं - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

A venture of Aryavarta Media

Post Top Ad

Post Top Ad

Monday, 7 February 2022

बिहार : विशेष राज्य के दर्जे पर बीजेपी ने जदयू को दिखाया आइना, प्रदेश अध्यक्ष बोले- मुद्दे से भटकना सही नहीं

पटना (Patna), 7 फरवरी : बिहार (Bihar) को विशेष राज्य का दर्जा की मांग को लेकर एकबार फिर से सियासत गर्म है। जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह (Lalan Singh) इस मांग को लेकर इन दिनों मुखर हैं, वहीं भाजपा (BJP) ने सोमवार को जदयू (JDU) को इस मामले पर आइना दिखाया है।

भाजपा का मानना है कि बिहार को विकसित करने के लिए उद्योग को बढ़ावा देना होगा। भाजपा ने जदयू को नसीहत देते हुए कहा कि 2020 में राजग सरकार का गठन आत्मनिर्भर बिहार के 7 निश्चय के आधार पर हुआ है, इस मूल मुद्दे से कभी भटकना नहीं चाहिए।

बिहार भाजपा के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल (Dr Sanjay Jayaswal) ने सोमवार को जदयू को आइना दिखाते हुए आंकड़ों के जरिए बताया कि महाराष्ट्र की आबादी बिहार से एक करोड़ ज्यादा है फिर भी बिहार को महाराष्ट्र के मुकाबले 31 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिलते हैं, जबकि पश्चिम बंगाल भी बिहार की भांति पिछड़ा राज्य है लेकिन उसके मुकाबले भी बिहार को 21 हजार करोड़ रुपए ज्यादा मिलता है।

जायसवाल ने कहा कि जीएसटी से सबसे ज्यादा फायदा बिहार जैसे राज्य को हुआ है। पहले जिस राज्य में उद्योग स्थापित होते थे उनको अलग से कमाई होती थी। अब इस कमाई का बड़ा हिस्सा उपभोक्ता राज्य में बंटता है जिसके कारण बिहार को 20 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त फायदा हुआ है ।

जायसवाल ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट कर लिखा कि अगर बिहार को आगे बढ़ाना है तो सरकार को हर हालत में उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा, जब तक हम औद्योगिक नीतियां लाकर नए उद्योगों को बढ़ावा नहीं देंगे तब तक ना हम रोजगार देने में सफल हो पाएंगे और ना हीं बिहार की आय बढ़ेगी।

भाजपा नेता ने कहा कि जहां भी संभव हो वहां प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उद्योग लगाने वालों को विलेन समझने की मानसिकता बिहार को कहीं का नहीं छोड़ेगी।

उन्होंने कहा, हम 6 वर्षों में भी प्रधानमंत्री के दिए हुए पैकेज का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पाए हैं। अभी भी 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बकाया है। उदाहरण के तौर पर रक्सौल हवाईअड्डे के लिए प्रधानमंत्री पैकेज में ढाई सौ करोड़ रुपए मिल चुके हैं लेकिन बिहार सरकार द्वारा अतिरिक्त जमीन नहीं देने के कारण आज भी यह योजना रुकी हुई है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना में भी बिहार को हजारों करोड़ रुपए मिलने हैं।

भाजपा नेता ने नसीहत देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का समुचित उपयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में 6 हजार करोड़ की राशि बिहार सरकार को आवंटित की गई थी लेकिन जल नल योजना के मद में हमने यह पैसे नहीं लिए।

जनसंख्या नियंत्रण को जरूरी बताते हुए जायसवाल ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए हमें स्वयं काम करना होगा। केवल यह सोच कि समाज स्वयं शिक्षा के साथ जनसंख्या को नियंत्रित कर लेगा।

उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकारी राशि का उपयोग कल्याणकारी योजनाओं में होना चाहिए। जायसवाल ने कहा कि 2020 में राजग सरकार का गठन आत्मनिर्भर बिहार के 7 निश्चय के आधार पर हुआ था। हमें इस मूल मुद्दे से कभी भटकना नहीं चाहिए।

Post Top Ad