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Sunday, 16 May 2021

जमुई : कोरोना काल में संदेश भेज DAV स्कूल फीस जमा करने की दे रहे हिदायत, रियायत नहीं

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :- 

कोरोना संक्रमण काल में निजी स्कूलों की मनमानी से पालकों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। कोरोना काल में सबसे ज्यादा नुकसान स्कूली बच्चों को सहना पड़ रहा है। स्कूल बंद है और विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई के सहारे सिलेबस लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद जिले के प्राइवेट स्कूलों में शुमार डी ए वी पब्लिक स्कूल जमुई अभिभावकों पर दबाव बनाकर फीस वसूलने की कोशिश कर रहे हैं, जिस पर अभिवावकों ने नाराजगी व्यक्त की है।

जमुई स्थित डी ए वी पब्लिक स्कूल

अभिभावकों की मानें तो, कोरोना काल में वे आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, पर बच्चों की फीस जमा न कर पाने के कारण स्कूल प्रबंधन ने बच्चों के नाम काटने तक के फ़रमान जारी करते हुए अभिभावकों को संदेश भेजकर पूरी फीस जमा करने की हिदायत तक दे दी है। इसके साथ ही ऑनलाइन क्लास भी रोक दिए जाने की बात को सन्देश में स्पष्ट कर दिया गया है। गौरतलब है कि वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए अभिभावकों द्वारा बच्चों से लगातार फीस वसूलने की बात सामने आ रही है। स्कूली बच्चों के अभिभावकों के अनुसार जब बच्चे स्कूल ही नहीं जा पा रहे हैं और पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से चल रही है। इसके बावजूद तिथि निर्धारित कर बिना रियायत के फीस वसूलना न्याय संगत नहीं है। 

मोबाइल पर प्राप्त सन्देश का स्क्रीनशॉट

बातचीत के क्रम में अभिभावकों ने बताया कि कोरोना काल में आय प्रभावित हुई है और स्कूल प्रबंधन बिना रियायत में शत प्रतिशत फीस मांग रहे है। स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा प्रदान कर रहा है लेकिन फीस को लेकर प्रबन्धन कुछ भी रियायत बरतने को तैयार नहीं। अभिभावकों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की इस मनमानी पर शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौन हैं, परिणामस्वरूप बच्चों के भविष्य के चलते समान्यवर्गीय अभिभावक इन कोरोना काल में अपनी जेब कटवाने को  मजबूर हैं।

- कहते हैं विद्यालय प्रबंधन -

इस संदर्भ में अपना पक्ष रखते हुए विद्यालय प्रबंधन के एस एन राय ने बताया कि किसी भी अभिभावक पर शुल्क भुगतान के लिए दबाव नहीं दिया जा रहा। विद्यालय संचालन और कर्मियों का भुगतान अभिभावकों के फीस पर ही निर्भर करता है। ऑनलाइन कक्षा संचालन के बावजूद कई अभिभावकों ने विद्यालय का शुल्क बकाया रखा है, उन्हें सूचित करने के लिए मोबाइल मेसेज भेजा गया है।

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