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मड़ैया गांव में 5 दशक से रही है चैत्रीय नवरात्रि की धूम, पुत्र रत्न की होती है प्राप्ति

[न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा] :- 


जिले के लक्ष्मीपुर प्रखण्ड अंतर्गत

 मड़ैया गांव में पिछले 50 वर्षों से चैत्रीय दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है। मड़ैया के महेश्वर सिंह वर्तमान में पूजा करवाते हैं । इससे पहले सन् 1971 ई. में इनके बड़े भाई स्व. युगल सिंह ने पूजा प्रारंभ किया था। उनके मरणोपरांत सबसे छोटे भाई सिंह के नेतृत्व में पूजा होता है । बताया जाता है कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के साथ पूजा प्रारंभ होता है एवं सप्तमी के दिन बेलभरन माता के आगमन के साथ ही मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। 


दशमी के दिन मूर्ति विसर्जन के साथ पूजा समापन होती है । इस अवसर पर आसपास के घरों में लोग अपने रिश्तेदारों के यहां आकर ठहरते हैं एवं देवी मां से मन्नत मांगते हैं । मान्यता है कि जिन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं होती, इस दुर्गा मंदिर में मां दुर्गा की आराधना से उनकी मनोकामना पूरी होती है । वहीं, पूजा के अवसर पर पाठा की बलि देने का भी रिवाज चला आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना काल को लेकर पिछले वर्ष प्रतिमा का निर्माण नहीं कराया गया था। इस वर्ष सरकारी एवं कोरोना गाइडलाइंस के अनुरूप प्रतिमा का निर्माण कर मां दुर्गा की पूजा-आराधना की जा रही है।