पटना [अनूप नारायण] :
कहते है कि ईमानदारी से किसी भी क्षेत्र में किया गया कार्य एक दिन आपको सफलता के शिखर पर पहुंचाता है. इस कहावत को वास्तविकता के धरातल पर अक्षरश: सिद्ध कर दिखाया है बिहार के आरा जिला के लाल और 50 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में अभिनय अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवा चुके भोजपुरिया काका अरुण सिंह ने. पेशे से बिल्डर अरुण सिंह ने भोजपुरी सिनेमा को उस समय संरक्षण दिया जब भोजपुरी सिनेमा से भोजपुरी के निर्माता पूरी तरह से मुंह मोड़ रहे थे. कई सारे अधूरे प्रोजेक्टों को उन्होंने फाइनेंस करके ना सिर्फ आगे बढ़ाया बल्कि भोजपुरी के संघर्षशील कलाकारों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं है.
भोजपुरी सिनेमा का जाने माने फिल्म निर्माता व अभिनेता एवं समाजसेवी अरुण सिंह ’भोजपुरिया काका’ को भोजपुरी सिनेमा के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिछले सप्ताह मुंबई में आयोजित भव्य समारोह में सम्मानित किया. अरुण सिंह भोजपुरी के एकमात्र ऐसे कलाकार है जो जात पात से ऊपर उठकर लोगों की मदद करते है तथा भोजपुरी सिनेमा में काम देते हैं. साथ ही साथ भोजपुरी के कई गायकों को इन्होंने अपनी कंपनी से बड़ा प्लेटफार्म उपलब्ध करवाया है. भोजपुरी अश्लीलता विरोधी अभियान के प्रखर स्वर भी हैं भोजपुरिया काका.
विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर अरुण सिंह के साथ ही साथ भोजपुरी सिनेमा के सशक्त खलनायक देव सिंह को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्या जी हाथों सम्मानित किया गया. जहाँ सलेमपुर के सांसद श्री रविन्द्र कुशवाहा जी व तमाम सांसद विधायक मौजूद थे. अरुण सिंह ने ये सम्मान अपने माता पिता व अपने पूरे परिवार व समाज को समर्पित किया.







