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शनिवार, 6 जुलाई 2019

अलीगंज में RTI बना मज़ाक, सूचना देने में आनाकानी करते हैं अधिकारी


अलीगंज (चंद्रशेखर सिंह) :-

सूचना अधिकार अधिनियम 2005 ने सरकार लोगों को जानकारियां प्राप्त करने के सुलभ नियमावली तो बना डाले लेकिन सूचना अधिकार अधिनियम एक मजाक बनकर रह गई है। ताजा मामला अलीगंज प्रखंड के इस्लामनगर पंचायत अंतर्गत हाबुनगर गांव का है, जहां आंगनबाडी केन्द्र संख्या 136 के सेविका अंजली कुमारी की सभी शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक  प्रमाण- पत्र के सत्यापित कॉपी की मांग बब्लू कुमार ने अलीगंज बाल विकास परियोजना कार्यालय से सूचना के तहत माँग किया था। जिसके जबाब में अलीगंज सीडीपीओ ने पत्रांक 209 दिनांक 25-06-2019 को आवेदक को एक पत्र भेजकर जानकारी दिया है कि सेविका से उसके सभी शैक्षणिक प्रमाण व अंक पत्र देने के लिए पुछा गया तो सेविका ने आपत्ति किया है, और आवेदक को पत्र के माध्यम से सीडीपीओ ने माँगी गई सूचना सेविका का नीजी सूचना बताकर देने से इंकार कर दिया है।


-- क्या है सूचना अधिकार अधिनियम --
बिहार सरकार ने सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत एक नियमावली बनायी है, जिसमें कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की सूचना के तहत जानकारी मांग सकते हैं। उस विभाग को आवेदक के द्वारा माँगी गई सूचना एक महीना के अंदर उपलब्ध करानी है। लेकिन अधिकारियों के द्वारा सूचना देने में आनाकानी और समय सीमा को ताख पर रखने के कार्यशैली से प्रखंड क्षेत्र में सूचना अधिकार अधिनियम महज एक माजक बनकर रह गया है।

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