जमुई : अपने लक्ष्य से कोसों दूर है आयुष्मान भारत योजना, धीमे गति से हो रहा पंजीयन - gidhaur.com : Gidhaur - गिद्धौर - Gidhaur News - Bihar - Jamui - जमुई - Jamui Samachar - जमुई समाचार

Breaking

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

Responsive Advertisement

शनिवार, 13 जुलाई 2019

जमुई : अपने लक्ष्य से कोसों दूर है आयुष्मान भारत योजना, धीमे गति से हो रहा पंजीयन

【न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】 :-

वर्तमान समय में जिस तेजी से जीवन स्तर में बदलाव हो रहे हैं उतनी ही तेजी से लोगों के स्वास्थ्य में गिरावट भी देखी जा रही है। ऐसे में आर्थिक विपन्नता के कारण वर्षों से ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे लोगों के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना वरदान के रूप में संजीवनी बूटी की भूमिका निभा रही है।
विशेषतः यदि जमुई जिले की बात करें तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ जिले भर के लोगों को भी मिलना शुरू हो गया है।
विभागयीय सूत्रों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जमुई जिलेभर में इस योजना के तहत 1,21,400 परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें तकरीबन 3000 लोगों को अधिकृत तौर पर विभाग द्वारा गोल्डन हेल्थ कार्ड जारी कर दिया गया है। इस अनुसार योजना का लक्ष्य पूरा करने में धीमे गति से चल रहा पूरा तंत्र थोड़ा रिलैक्स मूड में नजर आ रहा है।
यहां यह भी बता दें कि, जमुई जिले भर में सदर अस्पताल जमुई, चिन्हित 3 रेफरल हॉस्पिटल के  अलावे जिले के 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रधानमंत्री जन आरोग्य आयुष्मान भारत योजना की सुविधा दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जमुई में कार्यरत एक कर्मी ने  नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि इस योजना से जुड़ने के लिए जमुई जिले के 3 निजी अस्पताल का प्रस्ताव सरकार को भेजी गई है। कुछ चिन्हित निजी अस्पताल इस योजना से जुड़ने के लिए तत्परता नहीं दिखा रहे।

--- कहाँ और कैसे करवाएं पंजीकरण ---

प्रधानमंत्री के इस महत्वकांक्षी योजना का लाभ लेने के लिए लाभुकों को पंजीकरण कराना होगा। यह पंजीकरण वसुधा केन्द्र के अलावे सभी आयुष्मान सेंटर पर सरकारी तौर पर उपलब्ध है। इसके लिए राशन कार्ड व आधार कार्ड को मुख्य दस्तावेज के रूप में संलग्न करना होगा।

- क्या कहते हैं सीविल सर्जन --

"इस संदर्भ में पूछे जाने पर सीएस डॉ. श्याम मोहन बताते हैं जमुई स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझ रहा है। आयुष्मान भारत एक कल्याणकारी योजना है। योजना का पूर्ण लाभ जिलेवासियों को मिले, इसके लिए विभाग प्रयासरत है।"

इस बात में कोई दो राय नहीं कि भारत सरकार की ये योजना आर्थिक विपन्नता झेल रहे मरीजों में जीने की आस बन रहा है, पर यदि समय समय पर इस योजना से जुड़ने के लिए ग्रामीण तबके लोगों को जागरूक किया जाय तो काफी कम समय मे विभाग अपने लक्ष्य को हासिल कर सकता है।

Responsive Advertisement