[न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार
झा] :-
एक और जहां राजनितिक पार्टियों में शीट
शेयरिंग को लेकर खलबली मची है, वहीँ दूसरी ओर गाँव के वोटर शांत पड़े हैं| जी हाँ,
हम गिद्धौर क्षेत्र अंतर्गत उन गाँवों की बात कर रहे हैं, जहां चुनाव के शंखनाद से
लोग अनभिज्ञ हैं|
एक
आंकड़े के अनुसार, गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र
अंतर्गत आने वाले तक़रीबन २० गाँव में मतदाता की अच्छी तादाद है, जिसके परिणाम
स्वरुप शहरों के मुकाबले वोटिंग भी अधिक होती है| महज कुछ ही दिनों में स्थानीय
लोग अपने मत का प्रयोग करेंगे पर अभी तक क्षेत्रीय पार्टी भी गाँव में रहने वाले
लोगों से संपर्क बनाने में काफी पीछे दिखे पड रहे हैं| अशिक्षित वर्ग से सम्बन्ध
रखने वाले में से कुछ महिला वर्ग भी हैं जो अभी तक अपने जन प्रतिनिधि से बेखबर है|
यद्दपि
आचार संहिता लागू होने के कारण विभिन्न पार्टियां चुनावी मापदंडों को पूरा करने
में ही अपनी ऊर्जा खपा रही है, पर लोकतंत्र के इस पर्व में गिद्धौर क्षेत्र के
ग्रामीण इलाके में रह रहे बहुसंख्यक वोटर से दूरी बनाना दावेदार पार्टियों के लिए
काफी नुकसानदेह सिद्ध हो सकती है| इससे उभरने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को
गिद्धौर क्षेत्र से वोट लेने के लिए चुनावी जमीं पर और अधिक मजबूती से टिकना होगा|
यूं तो गिद्धौर के मुख्य सड़कों पर मतदाता जागरूक रैली आदि
भी निकाली गई, पर ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान के लिए जागरूक करने की कोई भी
गतिविधियों का न होना प्रत्याशियों के वोट पर एक जोरदार प्रहार होगा| यदि तहसील
क्षेत्र के विभिन्न गाँव में स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा मतदान के लिए जागरूक
करने की गतिविधि की जाय तो ग्रामीण जनता की बहुमूल्य वोट का सही सदुपयोग संभव हो
सकेगा|
अपील :- “क्षेत्र का तेजी से उभरता आपका अपना पोर्टल ‘gidhaur.com’ आप सभी पाठकों से विनम्र अपील करती है कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपने मत
का जरुर उपयोग करें| ध्यान रहे, आपका एक बहुमूल्य वोट भारत की दिशा और दशा तय
करेगा”