पटना (अनूप नारायण)
: पटना के बुद्वा रोड स्थित तारमंडल प्लेनेटोरियम मे 10 दिवसीय सिल्क इंडिया प्रदर्शनी शुरू हुईं । इस प्रदर्शनी में देश भर से आए बुनकरों ने अपनी नायब बुनाई कला और छपाई कला का प्रदर्शन किया है प्रदर्शनी में कश्मीर से भी बड़ी संख्या में बुनकर आए हैं जो ठंड में कश्मीरी पशमीना के उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं ।
प्रदर्शनी के आयोजक श्री टी अभिनन्द ने बताया कि इस प्रदर्शनी का आयोजन दिनांक 23 नवंबर से 2 दिसंबर तक किया जा रहा है। मकसद बुनकरों की कला को देश के सामने लाना है । प्रदर्शनी में 17 राज्यो के बुनकर 75 स्टालों पर अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रहे है । हैदराबाद पटोला साड़ियां सबको अपनी ओर खींच रही हैं । पटना में एक ही परिवार पटोला साड़ी बनाता है। लगभग 8 महीने में तैयार पटोला साड़ियां एक से डेढ़ लाख की कीमत में मिलती है। हैदराबाद से आए रमिश अपने साथ पटोला साड़ियों का कलेक्शन लाए हैं। वेडिंग सीजन में ब्राइडल को ट्रेडीशनल लुक देने के लिए कांजीवरम ब्राइडल साड़ियां आंध्र प्रदेश से आनंद लेकर आए हैं। प्योर जरी हैंडलूम साड़ियां 3 से 4 महीने में बनती है। कांजीवरम साड़ियों की कीमत 2 से 3 लाख रुपए तक है।
वीडिंग सीजन स्पेशल कलेक्शन के साथ ही लहंगे, शाल, जैकेट्स शूट आदि सिल्क इंडिया 2018 एग्जिबिशन में देखने को मिल रही है। बिहार की ऑर्गेनिक टसर सिल्क साड़ियां, कर्नाटक की क्रीम सिल्क , जार्जेट सिल्क, एरिनी सिल्क और पिं्रटेड साड़ियां, तमिलनाडु की कांजीवरम और पिं्रटेड साड़ियां, आंध्र प्रदेश धर्मावरम, उपडा, गोड़वाल, मगलागिरी व पोचमपल्ली साड़ियां, उत्तर प्रदेश लखनवी चिकन ,मलबरी सिल्क ,जामदानी, शिफॉन सिल्क, महाराष्ट्र पैठनी साड़ीया डिजाइनर ड्रेस मैटेरियल, पंजाब पटियाला ड्रेस मटेरियल, संबलपुरी इकत, बोमकाई साड़ियां, हैंडलूम सिल्क, छत्तीसगढ़ सिल्क साड़ियां कोसा सिल्क ,दुपट्टा, मध्यप्रदेश महेश्वरी चंदेरी सिल्क साड़ियां और सूट, पश्चिम बंगाल बलूचारी , ढाका माचली, गीचा साड़ियां , बुटीक साड़ियां, कांथा साड़ियां, असम मूंगा और एरी सिल्क साड़ियां, जम्मू कश्मीर शीनॉन सिल्क , पशमीना शॉल और सूट, राजस्थान कोटा सिल्क, हैंड ब्लॉक प्रिंट ड्रेस और साड़ी मैटेरियल आदि हैं।








