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सीएम के गोद लिए गांव में मातमपुर्सी के बहाने दर्द भरे पांच साल

छपरा (अनूप नारायण) : छपरा जिले के मसरख थाना के अंतर्गत आता है यह गांव जहां गांव के बच्चे गांव की मिट्टी में ही दफन है।16 जुलाई 2013 की दोपहर प्राथमिक विद्यालय धर्मासती गंडामन में एमडीएम खाने से 23 बच्चों की मौत हो गई थी। वहीं रसोइया समेत 24 बीमार बच्चों का पटना में महीनों इलाज हुआ था।धरमासती गंडामन एमडीएम हादसे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने धरमासती गंडामन गांव को गोद लिया था। सरकार ने इस गांव में सभी मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की। अधिकारियों का दल गांव में कैंप कर विकास कार्य का शुभारंभ कराया। धरमासती गंडामन में स्वास्थ्य उपकेन्द्र, प्लस टू उच्च विद्यालय, लोक स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा पानी टंकी का निर्माण कराया। हर घर में नल का जल, आंगनबाड़ी केन्द्र, मृत बच्चों के स्मारक, पोखरा का जीर्णोद्धार, गांव में पक्की सड़क निर्माण, बिजली के पोल व तार पूरे गांव में तथा हर घर बल्ब जला जैसे कई विकास कार्य कराए गए। जबकि आज भी ग्रामीणों को इस बात का मलाल है कि सरकार के घोषणा के बाद भी समुचित विकास कार्य नही हो सका।एमडीएम हादसे में 23 बच्चों की मौत तथा एक रसोईया समेत 24 बच्चों के बीमार होने के बाद चर्चा में आए धर्मासती गंडामन गांव में 16 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय धरमासती गंडामन के मृत 23 बच्चों की याद में उनकी 5 वीं पुण्य तिथि समारोह पूर्वक मनाई गई। इस मौके पर सर्व धर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सारण के डीएम सुब्रत कुमार सेन एसपी हरिकिशोर राय एवं मढ़ौरा के एसडीओ विनोद कुमार तिवारी सहित जिला प्रशासन के कई आला अधिकारी शामिल हुए।

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