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शनिवार, 27 जनवरी 2018

पटना की सड़कों पर साकार होगा कलम क्रांति अभियान

69वें गणतंत्र दिवस पर अनूठी पहल का आगाज़
Gidhaur.com के लिए अनूप नारायण की रिपोर्ट

Gidhaur.com (पटना) : अदम्या अदिति गुरुकुल के कलम क्रांति अभियान में ग़रीब, अनाथ, असहाय एवं दिव्यांग छोटे बच्चों को पढाने की शुरुआत गुरु रहमान के द्वारा कांग्रेस मैदान से शुरु की गई। जो कि प्रत्येक शनिवार एवं रविवार को अदम्या अदिति गुरुकुल, गुरु रहमान सर के द्वारा असहाय व अभावग्रस्त  छोटे बच्चों को पढ़ाया जाएगा। गुरू रहमान ने बताया की इस अभियान के पटना मे सफल होने के बाद अन्य जिलो मे फैलाया जाएगा ।

कौन है गुरू रहमान?
पटना के नया टोला में साल 1994 से चल रहे अदम्य अदिति गुरुकुल के नाम से मशहूर कोचिंग संस्थान के संचालक रहमान हैं जिन्हें प्यार से छात्र गुरु रहमान के नाम से पुकारते हैं। गुरुकुल की सबसे बड़ी खासियत ये है कि यहां अन्य कोचिंग संस्थानों की तरह फीस के नाम पर भारी-भरकम रकम की वसूली नहीं की जाती, बल्कि छात्र-छात्राओं से गुरु दक्षिणा के नाम पर महज 11 रुपये लिए जाते हैं। 11 से बढ़कर 21 या फिर 51 रुपये फीस देकर ही गुरुकुल से अब तक ना जाने कितने छात्र-छात्राओं ने भारतीय प्रशासनिक सेवा से लेकर डॉक्टर और इंजीनियरिंग तक की परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। 1994 में जब बिहार में चार हजार दरोगी की बहाली के लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की गई थी तो उस परीक्षा में गुरुकुल से पढ़ाई करने वाले 1100 छात्रों ने सफलता हासिल की थी।

इस गुरुकुल में पढ़ते हैं कई राज्यों के बच्चे
पटना के नया टोला में चलने वाले गुरुकुल में ऐसा नहीं है कि सिर्फ बिहार के छात्र पढ़ते हैं बल्कि गुरुकुल में झारखंड, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से भी छात्र आकर गुरु रहमान से टिप्स लेते हैं। गुरुकुल में हर साल प्रतियोगिता परीक्षाओं के परिणाम निकलने के समय जश्न का माहौल रहता है। ऐसी एक भी प्रतियोगिता परीक्षा नहीं होती जिसमें गुरुकुल से दीक्षा हासिल किए छात्र सफलता नहीं पाते हों।

गुरु रहमान को है वेदों का अच्छा ज्ञान
गुरुकुल के संचालक मुस्लिम समुदाय के हैं, इसके बावजूद रहमान को वेदों का अच्छा ज्ञान है। गुरुकल में वेदों की भी पढ़ाई होती है। रहमान एक गरीब परिवार से हैं, यही कारण है उन्हें गरीब छात्र-छात्राओं की दर्द का एहसास है। गरीब छात्रों को ही ध्यान में रखकर रहमान ने गुरुकुल की शुरुआत की थी। रहमान का मानना है कि गरीबी का मतलब लाचारी नहीं होता बल्कि गरीबी का मतलब कामयाबी होता है। जिसे जिद और जुनून से हासिल किया जा सकता है जो गुरुकुल में पढ़ने वाले छात्र करते हैं।

आज शुरू हुए क़लम क्रान्ति अभियान में अदम्या अदिति गुरुकुल के संयोजक मुन्ना जी, जितेन्द्र साहू, पुनपुन यादव, दिव्यांशु, विक्रम, माही, विद्यानंद, रितेश समेत अन्य छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

पटना      |      27/01/2018, शनिवार

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