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मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

प्रदूषित हो रही आस्था, सत्ता-शासन बेखबर

गिद्धौर स्थित माँ त्रिपुर सुंदरी तालाब में गिद्धौर एवं इलाके में स्थापित तमाम प्रतिमाओं के विसर्जित होने से गंदगी व कूड़ा-कचड़ा का ढेर लगा है। तालाब के किनारे पसरी भयानक गंदगी ने स्वच्छता के साथ-साथ लोगों की आस्था पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। सरस्वती पूजा के बाद जहां लोगों ने इस तालाब में पूजन सामग्रियों को फेंक कर गंदगी फैला दी है, वहीं माँ सरस्वती की प्रतिमाओं के तालाब में विसर्जन के बाद बचा अवशेष तट पर गंदगी का रूप धारण कर लिया है। इसके अतिरिक्त प्रतिमा में लगे रंग जल मे घुलकर उसे जिंक, काॅपर, शीशे जैसे खतरनाक रासायनिक पदार्थों से प्रदूषित कर देते हैं। इसके निबटारे में स्थानीय राजतन्त्र भी ध्यान नहीं दे रही है। इससे तालाब तो गंदे हो ही रहे हैं, गंदगी के बीच पड़ी मूर्तियों के होने से भगवान के प्रति आस्था का भी अपमान हो रहा है। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छता अभियान चला रखा है और इस के माध्यम से लोगों को साफ़-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा। लेकिन गिद्धौर तथा यहाँ की नदियों व तालाबों के घाटों की स्थिति इसके विपरीत है। सरस्वती  पूजा के बाद यहाँ श्रद्धालुओं द्वारा काफी मात्रा में पूजन सामग्री फेंक दिया जाता है, जो कचड़ा बन कर दुर्गंध देता रहता है। मुख्य तट के दोनों ओर भारी मात्रा में कचड़ा फैला हुआ है । जाहिर है कि यह कचरा यहां आने वाले श्रद्धालुओं द्वारा ही फैलाया जा रहा। लेकिन इससे निजात कैसे मिलेगा यह यक्ष प्रश्न है।
(अभिषेक कुमार झा)
~गिद्धौर
07/02/2017, मंगलवार

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