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विभाग के लिए चुनौती बना प्रवासी परिवार के बच्चों को विद्यालय से जोड़ना

Sono (किशोर कुणाल):- कोरोना काल में प्रवासी परिवारों के वापस घर लौटने पर आउट ऑफ स्कूल बच्चों की संख्या काफी बढ़ गई है। विभाग के सामने ऐसे बच्चों को चिन्हित करते हुए उन्हें विद्यालय से जोड़ना व उन्हें उम्र सापेक्ष दक्षता उपलब्ध कराना, एक बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि विभाग ने इस और पहल करना प्रारंभ कर दिया है।


 अपर मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच बिहार के बाहर से एवं बिहार के अन्य शहरों से बड़ी तादाद में लोगों का गांव वापसी हुआ है। सरकार द्वारा इनका स्किल मैपिंग कर रोजी रोजगार का प्रबंध किया जा रहा है। इन परिवारों के साथ लौटे बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराना, शिक्षा विभाग का दायित्व है। शिक्षा सेवकों को 15 जुलाई तक ऐसे बच्चों को चिन्हित करते हुए बाल पंजी का संधारण करने का निर्देश दिया गया है। बच्चों का उम्र सापेक्ष कक्षा में नामांकन करवाने की जिम्मेदारी संबंधित प्रधानाध्यापक व शिक्षा सेवक की होगी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि यदि बच्चों में शैक्षणिक दक्षता उम्र सापेक्ष कम है तो शिक्षा सेवक एवं वर्ग शिक्षक ऐसे बच्चों पर विशेष ध्यान देकर उन्हें शैक्षणिक रूप से कक्षा के अनुसार तैयार करेंगे। बच्चे का नामांकन के बाद ड्रॉपआउट न हो, इसका ध्यान रखा जाए। विद्यालय खुलने पर ऐसे बच्चों के नामांकन के लिए विशेष नामांकन अभियान चलाए जाने का निर्देश दिया गया है।
वहीं, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा अभियान) व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (साक्षरता) को बिहार के बाहर से एवं बिहार के शहरी क्षेत्र से गांव आए बच्चों के नामांकन के संबंध में विस्तृत निर्देश जारी किया है।