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जानिए लोजपा को सशक्त बनाकर आईटी सेल कैडर तैयार करने वाले मयंक मौली को

पटना (Patna) [Edited By: Aprajita] : जबसे नरेंद्र मोदी-अमित शाह (Narendra Modi-Amit Shah) युग का भारतीय राजनीति (Indian Politics) में उद्भव हुआ है तब से एक नाम हमेशा सुर्ख़ियों में रहा करता है - आई. टी. सेल (IT Cell). वर्ष 2014 और 2019 के आम चुनावों में आई. टी. सेल की प्रासंगिकता ने नए युग को जन्म दिया है.

आज शायद ही कोई राजनीतिक पार्टी (Political Party) बची हो जो अब इस सच को स्वीकार न करती हो कि आई. टी. सेल और सोशल मीडिया (Social Media) ने चुनावों की दिशा और दशा तय करने में अपना अहम योगदान न निभाया हो.
आप स्वीकार करें या न करें पर इस तथ्य को अब नज़रंदाज़ भी नहीं कर सकते कि विश्व के फ़िलहाल सबसे युवा देश भारत (India) में अब सोशल मीडिया पर भी जंग लड़ी जाती है और आगे भी लड़ी जाएगी. विशेषकर कोविड-19 कोरोना वायरस  (COVID-19 Corona Virus) के बाद से पूरे विश्व में चुनावों की रणनीति अब सोशल मीडिया और उसके इस्तेमाल करने वाले नौजवानों को ध्यान में रखकर ही बनाई जा रही है. आगामी 6 महीनों में कोरोना काल में दो बड़े चुनाव (Election) होने हैं. दिलचस्प है कि एक बिहार (Bihar) का है और उसके ठीक बाद दूसरा अमरीका (America) का आम चुनाव.
आई.टी. सेल जिसे कभी रूढ़िवादी विचारधारा की राजनीति (Politics) समझ वाले राजनेताओं (Politicians) और डिज़ाइनर पत्रकारों ने अच्छी निगाहों से नहीं देखा वो आज आई. टी. सेल के जानकारों और उसको चलाने वाले युवा नेताओं को दिन में दिया लिए ढूँढ रहे हैं.

इसी कड़ी में आज हम बात करने जा रहे हैं केंद्र के सत्ताधारी गठबंधन एनडीए (NDA) की अहम पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (Lok Janshakti Party) और उसके आई. टी. सेल की जो आज के राजनीतिक घटनाक्रम में हर पल बदलते समीकरण के कारण आगामी बिहार चुनावों (Bihar Election) में निश्चित तौर पर एक रोचक मुक़ाबला पेश करने जा रही है.
आई. टी. सेल युग के राउडी राठौर हैं मयंक मौली (Rowdy Rathore of IT Cell Era)
मयंक मौली (Mayank Mouli) - पेशेवर राजनीति का एक उभरता हुआ नाम है जिन्होंने काफ़ी कम समय में ही बिहार प्रदेश की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान स्थापित कर प्रदेश के युवाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत बनने का काम किया है. भारत (India) के प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल आईबीएस, हैदराबाद (IBS, Hyderabad) से एमबीए (MBA) की उच्च शिक्षा प्राप्त मयंक मौली का जन्म बिहार की राजधानी पटना के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ. उनके पिता दिवंगत डॉ. अनिरुद्ध मिश्र राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त तथा विभिन्न राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय पुरस्कारों से सुशोभित डॉक्टर (Doctor) थे.
मयंक मौली ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा के बाद हैदराबाद का रुख़ किया जहाँ उन्होंने बीबीए (BBA), बीएससी-आईटी (BSc- IT) तथा एमबीए (MBA) की उच्च शिक्षा हासिल कर देश की प्रतिष्ठित कम्पनियों जैसे आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया (Union Bank Of India), एसएपी, जर्मनी (SAP, Germany), नेटवर्क-18 (Netwok-18) जैसी कम्पनियों में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएँ दीं.
चिराग पासवान ने दी लोजपा आई. टी. सेल बनाने की ज़िम्मेदारी
वर्ष 2015 में वह बिहार अपने गृह राज्य वापस आए और अपना ख़ुद का व्यापार (Business) शुरू किया. इसी दौरान मयंक मौली की मुलाक़ात उस दौरान देश में उभरती हुई राजनीतिक शख़्सियत चिराग पासवान (Chirag Paswan) से हुई. चिराग पासवान के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर मयंक मौली ने राजनीतिक जीवन में क़दम रखा. उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया.
चिराग पासवान ने भी उनकी प्रतिभा के साथ न्याय किया और उन्हें उनकी पार्टी में आई. टी. सेल जैसा आधुनिक प्रकोष्ठ बनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी. मयंक मौली ने अपने ओजस्वी लेखन और संगठन कौशल से काफ़ी कम समय में ही लोजपा आई. टी. सेल का निर्माण कर दिया और प्रदेश में घूम-घूम कर चुन-चुन कर लगभग 8000 सक्रिय कार्यकर्ता और पदाधिकारियों का मजबूत कैडर तैयार कर दिया.
जमुई लोकसभा क्षेत्र में आईटी सेल का बना दिया कैडर
मयंक मौली के संगठन तैयार करने की प्रतिभा और तेज-तर्रार लेखनी तथा वाक्पटुता को देखते हुए चिराग पासवान ने उन्हें अपने संसदीय क्षेत्र जमुई (Jamui) का लोकसभा प्रभारी बना दिया. मयंक मौली ने भी उन्हें निराश न करते हुए जमुई लोकसभा (Jamui Constitutency) के अंतर्गत आने वाले सभी प्रखंड तथा पंचायत स्तर तक आई. टी. सेल के अपने सिपाहियों का सघन जाल बिछा दिया.

इसमें उनका बखूबी साथ दिया जमुई के तत्कालीन लोजपा आईटी सेल जिलाध्यक्ष ई. निर्भय सिंह (Er. Nirbhay Singh) ने. जमुई लोकसभा क्षेत्र में मयंक मौली ने आईटी सेल का जो कैडर बनाया उसी ने वर्ष 2019 के लोक सभा चुनावों में अहम भूमिका अदा की तथा लोजपा को इन्टरनेट (Internet) और आई. टी. सेल रखने वाली देश की साधन सम्पन्न पार्टियों के साथ अग्रिम कतार में लाकर खड़ा कर दिया.
बनाये गए हैं पटना के प्रमंडलीय प्रभारी
मयंक मौली ने अपने साढ़े तीन वर्ष के छोटे से राजनीतिक जीवन में ही पार्टी तथा सियासी हल्क़ों में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उन्हें पर्दे के पीछे से चलने वाली राजनीति का माहिर खिलाड़ी तथा कुशल रणनीतिकार भी कहा जाता है. उनके संगठन कौशल का लोहा मानते हुए लोजपा (LJP) ने आगामी बिहार विधान सभा चुनावों (Bihar Assembly Elections) में बिहार प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण प्रमंडल पटना का प्रमंडलीय प्रभारी बनाया है.

मयंक मौली वर्तमान में लोक जनशक्ति पार्टी (आई. टी. सेल) बिहार प्रदेश के प्रधान प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रमंडलीय प्रभारी पटना प्रमंडल एवं लोकसभा प्रभारी जमुई के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं.

COVID-19 ने आगामी चुनावों की शक्ल बदल दी है. लगभग सारा चुनावी प्रचार-प्रसार इस बार इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से ही लड़ा जाना तय है. इन परिस्थितियों में ये देखना दिलचस्प होगा कि आगामी विधानसभा चुनावों में मयंक मौली के नेतृत्व में लोजपा आई. टी. सेल बाकी के साधन सम्पन्न पार्टियों की तुलना में क्या कीर्तिमान स्थापित करती है.

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