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पढ़े शुभागना की कविता :- पेड़ - हमारे मित्र



🌳पेड़ - हमारे मित्र🌱

हरे भरे जो मित्र हमारे,
जानें कब से धरती संभाले?
सदा हमारी रक्षा को,
अपने प्राण न्यौछावर कर जाते।।

ये धरती के जीवन दाता
ये मनुष्य जीवन के सदा सहारे,
है इनका धरती से जन्मों का नाता
ये कहलाते पौधे प्यारे।।

स्वार्थ की सीमा से परे
सदा मित्र वो हमारे रहे
आओ उनको दिवस मनाएं
एक एक पौधा घर में लगाएं।।

प्रण लें हम,काटेंगे न पेड़ों को
उनको भी दुख होता है
देख देख कर दुख उनका
जानें क्यों,कोई न रोता है?

हम सब मिलकर उनका भी सम्मान करें,
सब एक साथ भावपूर्ण नमन करें।।
         🌱🌳☘️🌴