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झाझा में PSACWA ने की प्रेस वार्ता, सरकार के समक्ष रखी ये मांगें

न्यूज़ डेस्क | अभिषेक कुमार झा】:-

कोरोना वायरस की महामारी से बचने को लेकर जारी लॉक डाउन में निजी विद्यालयों के बंद होने से संचालकों के सामने समस्याएं उत्पन्न होने लगी हैं।
इन निजी विद्यालयों के संचालन, वाहन, एवं पूरे प्रबंधन को व्यवस्थित करने के लिए स्कूल संचालकों के समक्ष आर्थिक संकट गहराने लगा हैं।

प्रेस वार्ता करते हुए संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण झा

इसको लेकर प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोशिएशन जमुई के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण झा ने तमाम प्राइवेट स्कूलों की आवाज को बुलंद करने के उद्देश्य से शनिवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया।
इस दौरान उन्होंने निजी स्कूलों को हो रही परेशानियोों से संवाददाताओं  को अवगत कराते हुए कहा कि कोरोना महामारी को लेकर सभी विद्यालय बन्द है, लििहाजाा जमुई जिले के लगभग 400 छोटे बड़े सभी प्राइवेट स्कूलों की आर्थिक कमर टूट चुकी है। वहिं सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही। जब एसोसिएशन के सभी विद्यालय सरकारी आदेश का अक्षरशः पालन कर रही है।


 जिलाध्यक्ष लक्ष्मण झा ने कहा कि विद्यालय से जुड़े शिक्षक व कर्मियों का वेतन भुगतान विद्यालय की बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में स्कूल बंद रहने से भवन किराया, बिजली बिल, वाहन ईएमआई, वाहन टैक्स, नगर पंचायत द्वारा लिये जाने वाला कॉमर्शियल टैक्स आदि को लॉकडाउन की अवधि तक सरकार इसे माफ करे।
मौके पर मौजूद गिद्धौर सेन्ट्रल स्कूल के निदेशक अमर सिंह, विद्यालय संचालक सुरेन्द्र निराला, निदेशक एम अख्तर सहित अन्य ने संघ के माध्यम से सरकार से मांग किया है कि इन समस्याओं पर सरकार एक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर 25 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत स्कूल के बकाये राशि को अविलंब भुगतान करे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि अगर सरकार  मांगे पूरी नही करती तो हमलोग देशभर के विभिन्न प्राईवेट स्कूल पीएम, सीएम तथा शिक्षा मंत्री को  पोस्टकार्ड भेज आंदोलन करेगी।