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रविवार, 3 नवंबर 2019

जारी हुआ भारत का नया मानचित्र, नक्शे में पीओके भी शामिल

नई दिल्ली : जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के अलग केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद भारत सरकार ने शनिवार को देश का नया मानचित्र जारी किया, जिसमें 28 राज्यों और नौ केंद्र शासित प्रदेशों को दर्शाया गया है।
इस नक्शे में पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के हिस्सों को भी कश्मीर क्षेत्र में दर्शाया गया है। नए जारी किए नक्शे में जम्मू-कश्मीर के पूर्ववर्ती राज्य के विभाजन को दर्शाया गया है। इसमें आश्चर्यजनक रूप से पीओके के तीन जिलों मुजफ्फराबाद, पंच और मीरपुर को शामिल किया गया है।
लद्दाख में दो जिले कारगिल और लेह शामिल हैं। जबकि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 20 जिले शामिल किए गए हैं।
एक गजट अधिसूचना में सरकार ने कारगिल के वर्तमान क्षेत्र को छोड़कर लेह जिले के क्षेत्रों गिलगिट, गिलगित वजारत, चिलास, जनजातीय क्षेत्र व लेह और लद्दाख को भी संकलित किया है।
इस आदेश को जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन (कठिनाइयों को दूर करना) दूसरा आदेश-2019 कहा गया है।
जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के मानचित्र में 20 जिले शामिल हैं, जिसमें मुजफ्फराबाद, मीरपुर और पुंछ के वे क्षेत्र शामिल हैं, जो पीओके के अधीन हैं।
1947 में जम्मू एवं कश्मीर राज्य में 14 जिले थे। इनमें कठुआ, जम्मू, उधमपुर, रियासी, अनंतनाग, बारामूला, पुंछ, मीरपुर, मुजफ्फराबाद, लेह और लद्दाख, गिलगित, गिलगित वजरात, चिल्हास और जनजातीय क्षेत्र शामिल थे।
संसद की सिफारिश पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अगस्त महीने में भारतीय संविधान से अनुच्छेद-370 को प्रभावी रूप से समाप्त कर दिया था।
जम्मू एवं कश्मीर 31 अक्टूबर को एक राज्य के रूप में अस्तित्व में नहीं रह गया और आधिकारिक तौर पर दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख में विभाजित हो गया।

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