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सिमुलतला आवासीय विद्यालय को फिर मिला सर्वश्रेष्ठ विद्यालय का ताज, सम्मानित हुए प्राचार्य

सिमुलतला (गणेश कुमार सिंह) :-
देश भर के सरकारी आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता की परख करनेवाली संस्था एजुकेशन वर्ल्ड ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार से नवाजा है । विद्यालय के प्राचार्य डा. राजीव रंजन को दिल्ली में पुरस्कार प्रदान किया गया है  । 

ज्ञात हो कि एजुकेशन वर्ल्ड प्रत्येक वर्ष देश के सभी सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता , उसके रिजल्ट , अनुशासन आदि के आधार पर रैंकिंग करता है जिसमें सिमुलतला आवासीय विद्यालय ने देश के सभी सरकारी आवासीय विद्यालयों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया है । ज्ञात हो कि यह विद्यालय बिहार का नेतरहाट है  जो माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है । 2010 में से चल रहा यह विद्यालय आज भी संसाधन के घोर अभाव से जूझ रहा है । आज तक इसका न अपना भवन ही बन पाय और न ही जमीन का ही पूरी तरह अधिग्रहण हो सका ।  इस विद्यालय के शिक्षकों को न तो नेतरहाट की तरह अभी तक वेतनमान मिला , न सेवाशर्त ! बावजूद इसके , यहां के प्राचार्य , उपप्राचार्य और सभी परिश्रमी शिक्षकों के अथक अनवरत परिश्रम से यह विद्यालय अपने इस मुकाम पर पहुँचा है ।
प्राचार्य डा. राजीव रंजन ने अपने सभी सहकर्मियों को बधाइयां देते हुए इसे सभी का सम्मिलित प्रयास बताया । विद्यालय के उपप्राचार्य सह शैक्षणिक प्रमुख सुनील कुमार ने कहा कि यह परिणाम विपरीत परिस्थितियों में किए गए कठोर परिश्रम का फल है जिसके अंतर्गत यहां के दर्जनों छात्र आइ. आइ. टी , मेडिकल आदि में भी अपना परचम लहरा रहे हैं
आइ .आइ .टी में अमन राय, मुकुल रंजन, सौरभ, वैभव प्रताप, मो. खालिद, शुभं, आस्था ज्योति, कुमारी आस्था, संजय काजी, मयंक, रोहित, विक्की, सुमित,  शौकत, सौरभ, अभीनव, नामांकन लिए हुए हैँ। इसके साथ हीं दर्जनों स्टूडेंट्स NIT में एडमिशन लिए हुए है। कुछ स्टूडेंट्स नेशनल डिफेंस अकादमी खड़गवासला  पुणे मे पढ़ रहे हैं तो कुछ वाणिज्य के क्षेत्र में करियर बना रहे हैं।। यहां के अब तक तीन बैच में कुल 16(2+4+10) में से 15स्टूडेंट्स देश के नामी-- गिरामी यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली ,बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिय इस्लामिय यूनिवर्सिटी में IAS, IPS, IFS बनने के लक्ष्य से पढ़ रहे हैं। जो की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है । इस संबंध में पूछे जाने पर विद्यालय के हिंदी शिक्षक , व्यंग्यकार डा. सुधांशु कुमार ने कहा परिस्थितियां लाख प्रतिकूल हों , आंधियों के बीच यूं ही अपनी लौ जलाए रखेंगे । प्रतिकूल परिस्थितियों के बीच कठोर परिश्रम का ही परिणाम है कि यहां के छात्र अपना परचम हरेक क्षेत्र में लहरा रहे हैं और लहराते रहेंगे। 


डा. जयंत कुमार और रंजय कुमार ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में प्राप्त की गयी यह बड़ी उपलब्धि है और यह विद्यालय परिवार हरेक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है ।  ध्यातव्य है कि यहां के लगभग सभी छात्र शुरू से ही बिहार बोर्ड की परीक्षा में टाप ट्वेंटी में रहते हैं । साथ ही टाप टेन में भी सर्वाधिक छात्र यहीं के रहते हैं  इसलिए इस विद्यालय को टापर की फैक्ट्री भी कहा जाता है ।