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गिद्धौर : ... जब 12 बजे तक इस विद्यालय में लटक रहा था ताला

#पड़ताल

【gidhaur.com Team अभिषेक कुमार झा  एवं धनंजय कुमार 'आमोद' की संयुक्त रिपोर्ट :-
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दिन शुक्रवार, समय 12:10 मिनट, स्थान उ मवि कुड़िला, विद्यालय में सन्नाटा और दरवाजे पर लटकते ताले विद्यालय के बदहाली की दास्तां सुना रहे थे। जब gidhaur.com की टीम उक्त स्थल पर पड़ताल करने पहुंची तो ग्रामीण विभाग के प्रति नारेबाजे करते दिखे। 


दरअसल, जमुई जिले के गिद्धौर प्रखंड क्षेत्र के पूर्वी गुगुलडीह पंचायत के नक्सल प्रभावित कुडिला गांव के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में व्याप्त अनियमितता से नॉनिहालों का तो भविष्य अधर में है ही साथ ही ग्रामीण भी असंतोष है।
सरकार के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए कई महत्वकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही है। जिसमें की पोशाक राशि,छात्रवृति, मिड डे मील, जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं को लेकर शिक्षा को बढ़ावा देने में लगा है, वही इसके विपरीत विद्यालय के शिक्षक इसको धत्ता बताते हुए विद्यालय आने की बात तो दूर विद्यालय खोलने से कतरा रहे हैं। ऐसे कार्यशैली से प्रखंड में शिक्षा प्रणाली महज एक खेल बनकर रह गया है।

बताते चलें कि कुडिला के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में कुल छात्र-छात्राओं की संख्या 220 है और विद्यालय के प्रभारी सहित तीन  विद्यालय कर्मी है, पड़ताल में विद्यालय से सभी कर्मी गायब मिले, विद्यालय के कार्यालय सहित कक्षा में ताला लटका मिला। जो यहां की स्थिति बयान करने को पर्याप्त है।

कहते हैं ग्रामीण -

संजय यादव, अनिल यादव, जगन्नाथ यादव, पंकज यादव, कपिलदेव यादव, कंचन देवी,रीना देवी, संजू देवी, कबूतरी देवी, सपना देवी,सहित दर्जनों ग्रामीण बताते हैं कि विद्यालय की अनियमितता से हम सभी त्रस्त हैं। एक भी शिक्षक समय पर नहीं आते हैं और ना ही बच्चे बच्चियों के लिए गुणवत्ता युक्त एमडीएम दी जाती है।

[कहते हैं विद्यालय के छात्र/छात्राएं ]_

नेहा कुमारी, राजीव कुमार, सूरज कुमार,आयुष कुमार,सचिन कुमार,रुपेश कुमार,पूनम कुमारी, बताती है कि कोई शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते हैं और हम लोगों को मेन्यू के हिसाब से खाना भी नही मिलता।

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कहते हैं पदाधिकारीगण

प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी आनंदी हरिजन ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच कर इस दिशा में विभागीय स्तर से कठोर कार्रवाई होगी। वहीं इस बाबत पूछे जाने पर डीपीओ ने बताया कि  मामले की समुचित जांच कर दोषियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

खैर विभागीय अधिकारी भले ही अपने औपचारिक बयान देकर सवालों से पल्ला झाड़ ले पर यहां पाठकों को बताते चलें कि उक्त विद्यालय में तीन शिक्षक विभागीय स्तर पर पदस्थापित हैं। वहीं विद्यालय का प्रभार शिक्षक आनंद कुमार के पास है, फिलहाल अधिकृत तौर पर अवकाश पर हैं। ऐसे में इसे शिक्षा प्रणाली का खेल नही तो और क्या कहेंगे?