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गिद्धौर : ... जब रास्ते में खराब हुई एम्बुलेन्स और प्रसूता ने दिया बच्चे को जन्म


gidhaur.com | न्यूज़ नेटवर्क】 :-

'एम्बुलेंस' एक ऐसा वाहन जो सम तोड़ते मरीजों के सांस में सांस भरता है, पीड़ित परिजनों के मन मे विश्वास भरता है। आवश्यकता पड़ने पर ये एम्बुलेंस ही मरीजों का सहारा बनता है। पर गिद्धौर प्रखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां एम्बुलेंस ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। 


मामला गिद्धौर प्रखंड  के गुगुलडीह का है, जहां के निवासी रणधीर राठौर की पत्नी को प्रसव पीड़ा शुरू होने पर गिद्धौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सरकारी एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था। एंबुलेंस बीच रास्ते मे कैराकादो लाईन होटल के समीप गाड़ी खराब हो गई। जिससे प्रसूता के परिजन काफी परेशान हो गए। प्रसूता प्रसव पीड़ा से परेशान थी। परिजनों को कोई उपाय भी नहीं सूझ रहा था। 




ग्रामीणों ने धक्का देकर गाड़ी स्टार्ट करने का लाख प्रयास किया बावजूद इसके गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई।
प्रसव पीड़ा से परेशान प्रसुता ने एंबुलेंस पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। ये तो भगवान का शुक्र है कि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ विभाग को खूब खरी-खोटी सुनाई।


माहौल गरमाने से पूर्व एम्बुलेन्स के ड्राइवर साहब गाड़ी वहीं छोड़कर खिसक गए। थकहार कर प्रसूता के परिजनों द्वारा किसी तरह ऑटों से प्रसूता को अस्पताल ले जाया गया।

सवाल :-
आखिर कैसे सरकारी गाड़ी का भरोसा किया जाए, जहां अति संवेदनशील स्थिति में जान तक जा सकती है।
अब यहां ये देखना दिलचस्प होगा कि इस घटना से विभाग कोई सबक लेता है या फिर भविष्य में भी ग्रामीण तबके के मरीज इसी तरह के विपत्ति से मुखतिब होंगे।

Input - (धनंजय/अभिषेक)