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जमुई : सदर अस्पताल के पास लगा गंदगी का अंबार, लोगों को होती है परेशानी, नप उदासीन

[gidhaur.com | शुभम मिश्र] :-

" स्वच्छता ना केवल हमारे घर से सड़क तक के लिए ही जरूरी नहीं होती है, बल्कि यह देश और राष्ट्र की आवश्यकता होती इससे ना केवल हमारा घर-आँगन ही स्वच्छ रहेगा वरण पूरा देश ही स्वच्छ रहेगा "


उक्त बातें सिर्फ कहने को एवं किसी आयोजन के स्लोगन में लिखने को रह गये हैं। स्वच्छता अभियान के पांच वर्ष पूर्ण होने को हैं। इस अभियान का उपयोग  अब सिर्फ नौकरशाहों द्वारा समाचारों में छाये रहने को रह गया है। शुरूवाती दौर में तो हमारे प्रतिनिधियों द्वारा लंबे-लंबे भाषण और स्वच्छता संबंधित वादे किये जाते हैं ;पर बाद में स्थिति कुछ और हो जाती है। बात दरअसल जमुई जिले के सदर अस्पताल एवं जमुई मंडल कारागार जाने वाली सड़क की है, जहां अस्पताल के मुख्य द्वार के नजदीक गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जिससे निकलने वाली दुर्ग॔ध से आने-जाने वाले राहगीरों एवं मरीजों का बुरा हाल है।बदबू के कारण लोग अस्पताल में कपड़े से नाक बंद कर प्रवेश करते हैं। दुखद तो यह है कि मुहल्लावासी भी अपने घरों की गंदगी को इसी ढेर पर फेंकते हैं।पास में पड़ा कूड़ेदान भी बहुत दिनों से उन्मत्त शराबी के माफिक लुढ़का पड़ा है। संबंधित विभाग भी संवेदनहीन बन बैठा है। जबकि इस सड़क हो कर कई पदाधिकारी एवं जन-प्रतिनिधि  भी कार्यालय व घर आते-जाते हैं।फिर भी उनके कानों पर जूं तक न रेंगी है। इससे मरीजों के साथ अन्य लोगों को भी संक्रमित बीमारियों का खतरा बना हुआ है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी अनदेखी की जा रही है। इसका खामियाजा लोगों को बीमार होकर भुगतना पड़ सकता है। सफाई के नाम पर प्रतिमाह लाखों खर्च होते हैं,बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। आखिर इसका जिम्मेदार कौन है  ?

बता दें कि बरसात में बीमारियों का संक्रमण ज्यादा बढ़ जाता है। इन सब के बावजूद भी संबंधित विभाग के पदाधिकारी संवेदनहीनता का परिचय दे रहे हैं । जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो महामारी फैल सकती है।
[क्या है स्वच्छ भारत अभियान]
स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 145 वीं  जयंती 2 अक्टूबर 2014 से की थी।जिसका लक्ष्य महात्मा गाँधी के 150 वीं जयंती(2 अक्तूबर 2019) तक भारत को स्वच्छ बनाना रखा गया है।स्वच्छ भारत अभियान को स्वच्छ भारत मिशन भी कहा जाता है।महात्मा गांधी जी की 145 वीं जयंती पर नरेन्द्र मोदी ने राजपथ पर जनसमूहों को संबोधित करते हुए राष्ट्रवासियों से स्वच्छ भारत अभियान में भाग लेने और इसे सफल बनाने को कहा।यह साफ-सफाई के संदर्भ में सबसे बड़ा अभियान है।साफ-सफाई को लेकर भारत की छवि को बदलने के लिए यह अभियान की शुरुआत की गई है।
[स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य] :-
(1) खुले में शौच बंद करवाना जिसके तहत हर साल हजारों बच्चों की मौत हो जाती है।
(2) लगभग 11 करोड़ 11 लाख व्यक्तिगत,सामूहिक शौचालयों का निर्माण करवाना जिसमे 1 लाख 34 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे।
(3) लोगों की मानसिकता को बदलना उचित स्वच्छता का उपयोग करके।
(4) शौचालय उपयोग को बढ़ावा देना और सार्वजनिक जागरूकता को शुरू करना।
(5) गांवो को साफ रखना।
(6) 2019 तक सभी घरों में पानी की पूर्ति सुनिश्चित कर के गांवों में पाइपलाइन लगवाना जिससे स्वच्छता बनी रहे।
(7) ग्राम पंचायत के माध्यम से ठोस और तरल अपशिष्ट की अच्छी प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करना।
(8) सड़के,फुटपाथ और बस्तियां साफ रखना।
(9) साफ सफाई के जरिए सभी में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना।
[स्वच्छ भारत अभियान में शामिल मंत्रालय]
(1) शहरी एवं ग्रामीण विकास
(2) राज्य सरकार
(3) गैर सरकारी संगठन
(4) पेयजल एवं स्वच्छता
(5) सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम
      नगर परिषद, नगर निगम, आदि