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काराकाट लोकसभा क्षेत्र : कुशवाहा मतों की गोलबंदी निर्णायक, JDU-RLSP की टक्कर

पटना/सेंट्रल डेस्क [अनूप नारायण] :

काराकाट लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा जो यहां के निवर्तमान सांसद है महागठबंधन से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं जदयू ने पूर्व सांसद महावली सिंह को मैदान में उतारा है. बदले माहौल में इस बार महाबली उपेंद्र कुशवाहा के राह के रोड़ा बन गए है. काराकाट लोकसभा सीट बिहार के 40 लोकसभा क्षेत्रों में एक है. पहले यह बिक्रमगंज संसदीय क्षेत्र में था लेकिन 2008 में इसे अलग सीट का दर्जा मिल गया. काराकाट रोहतास जिले में है जो नक्सली हिंसा के लिए बदनाम है. रोहतास जिला कभी उद्योग का केंद्र होता था लेकिन नक्सली हिंसा ने इसकी कमर तोड़ दी और अब वित्तीय रूप से पिछले और गरीब जिलों में इसका शुमार है. उपेंद्र कुशवाहा यहां से सांसद हैं जिन्होंने 2014 के चुनाव में आरजेडी की प्रत्याशी कांति सिंह को हराया था.

काराकाट के विधानसभा क्षेत्र
काराकाट लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र हैं. इनके नाम हैं-नोखा, गोह, डिहरी, ओबरा, काराकाट और नबीनगर. 2008 में काराकाट नया संसदीय क्षेत्र बना. इसके साथ ही बिक्रमगंज के संसदीय और विधानसभा क्षेत्र को हटा दिया गया. काराकाट में औरंगाबाद जिला के गोह, नबीनगर और ओबरा विधानसभा क्षेत्र हैं जबकि रोहतास जिले के नोखा, डिहरी और काराकाट को शामिल किया गया. नए परिसीमन में बिक्रमगंज विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र का बदल दिया गया और बिक्रमगंज विधानसभा क्षेत्र को काराकाट से जोड़ दिया गया. यहां की एक भी विधानसभा सीट आरक्षित नहीं है और काराकाट लोकसभा जनरल सीट है.
2014 का लोकसभा चुनाव
काराकाट सीट पर 10 अप्रैल 2014 को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ जिसमें राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की. इस क्षेत्र में कुल 1580558 मतदाता हैं जिनमें 53.75 प्रतिशत पुरुष और 46.02 प्रतिशत महिलाएं हैं. यहां का लैंगिक अनुपात 860 है. अर्थात 1000 पुरुषों पर 860 महिलाएं हैं. 2014 के चुनाव में पूरे 790361 वोट पड़े. मतदा संपन्न कराने के लिए 1607 पोलिंग स्टेशन बनाए गए थे. इस सीट पर वोटर टर्नआउट 50.01 प्रतिशत रहा.
पिछले चुनाव में टॉप 5 कैंडिडेट
पिछले चुनाव में जो टॉप 5 कैंडिडेट चुनावी मैदान में थे उनके नाम हैं-उपेंद्र कुशवाहा (रालोसपा), कांति सिंह (आरजेडी), महाबली सिंह (जेडीयू), संजय किउ (बीएसपी) और राजा राम सिंह (सीपीआईएमएल). मैदान में कुल 15 उम्मीदवारों में उपेंद्र कुशवाहा टॉप पर रहे और उन्होंने कांति सिंह को हराया. कुशवाहा को 338892 (42.9 प्रतिशत) वोट मिले जबकि उपविजेता रहीं कांति सिंह को 233651 (29.58 प्रतिशत) वोट हासिल हुए. तीसरे स्थान पर जेडीयू के महाबली सिंह थे जिन्हें 76709 (9.71 प्रतिशत) वोट मिले. चौथे स्थान पर संजय किउ (45503-5.76 प्रतिशत) और पांचवें पर सीपीआईएमल के राजाराम सिंह थे जिन्हें 32686 (4.14 प्रतिशत) वोट मिले थे.
इस चुनाव में 10 अन्य उम्मीदवार भी रहे जिन्हें कुल 62486 वोट मिले थे. अन्य उम्मीदवारों ने समग्र वोट शेयर का 7.91 प्रतिशत अपने खाते में दर्ज कराया था. सभी पार्टियों का वोट शेयर देखें तो आरएलएसपी को 42.9, आरजेडी को 29.58 और जेडीयू को 9.71 प्रतिशत वोट मिले.