Breaking News

विज्ञापन फिल्मों से भोजपुरी फिल्मों की दुनिया में छा गई रिंकू घोष

मनोरंजन [अनूप नारायण] :
भोजपुरी फिल्मों में अपने अभिनय प्रतिभा का जलवा दिखाने वाली रिंकू घोष का बचपन मुंबई में बीता. बचपन से ही नृत्य में इनका लगाव रहा. स्कूल और कॉलेज के दिनों में इन्होंने अपने नृत्य प्रतिभा के बल पर कई पुरस्कार भी जीते. भारतनाट्यम कि इन्होंने विधिवत शिक्षा ली. बाद के दिनों में बतौर मॉडल इन्होंने विज्ञापन फिल्मों में काम करना शुरू किया।

रेक्सोना, मेडिमिक्स, स्वीकार आयल जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडो की ब्रांड अंबेसडर भी रिंकू बनी. वर्ष 2000 में बतौर अभिनेत्री रिंकू की पहली बंगाली फिल्म थी जय मां दुर्गा. उसके बाद एक और बांग्ला फिल्म आई उन्होंने इसी दौरान एक तमिल और तेलुगु फिल्म में भी काम किया. हिंदी एल्बम ऐसी दीवानगी में नजर आई। हिंदी फिल्म भारत भाग्य विधाता की शूटिंग के दौरान निर्माता निर्देशक सुनील बूबना ने इन्हें देखा था. उनके अभिनय प्रतिभा से प्रभावित होकर इस फिल्म की शूटिंग के बाद उन्होंने भोजपुरी फिल्म मे काम करने का ऑफर दिया. काफी मान-मनौव्वल होने के बाद इन्होंने काम करने की सहमति प्रदान की।
भोजपुरी फिल्म सुहागन बना दे सजना हमार से इनके भोजपुरी फिल्मों में करियर की शुरुआत हुई. इस फिल्म में रिंकू के काम को काफी सराहा गया. फिल्म के रूप में भोजपुरी सिनेमा को एक सशक्त अभिनेत्री भी मिल गई। इस फिल्म के बाद आई दरोगा बाबू आई लव यू। इस फिल्म के नायक थे मनोज तिवारी ।फिल्म ने कमाई के मामले में भोजपुरी का अगला पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया ।

50 से ज्यादा भोजपुरी फिल्मों में अपने अभिनय प्रतिभा का जलवा बिखेर चुकी रिंकू को भोजपुरी फिल्म बिदाई व बलिदान के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के खिताब से नवाजा जा चुका है. ये भोजपुरी फिल्मों की इकलौती अभिनेत्री हैं जिन्होंने 17 साल की लड़की से लेकर 70 साल की बुढ़ियातक का कैरेक्टर रुपहले पर्दे पर जीवंत किया है।
अपने अभिनय प्रतिभा का डंका बजाया है. खुद की पहचान पूरे देश में एक बिहारी लड़की के रुप में स्थापित हुई है। भोजपुरी फिल्मों के महानायक कुणाल सिंह व फिल्म निर्माता सुनील गुप्ता को अपना आदर्श मानने वाली रिंकू घोष का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा भोजपुरी फिल्में करने की जगह उन्होंने अच्छी और दमदार कैरेक्टर वाले फिल्म्स ही करना ज्यादा पसंद किया.

भोजपुरी हीरोइन कहलाने में गर्व का अनुभव करने वाली रिंकू का कहना है कि वह जन्म से नहीं कर्म से बिहारी हैं. उन्होंने बिहार के लोगों से जो प्यार और सम्मान मिला उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। छोटे पर्दे पर भी रिंकू दुर्गेश नंदिनी व मोहे रंग दे जैसे हिट धारावाहिकों में नजर आ चुकी है। 5 फरवरी 2015 को अमित दत्ता के साथ परिणय सूत्र में बंधने के बाद एकाएक भोजपुरिया पर्दे से गायब हो गई रिंकू घोष पूरे जोश खरोश के साथ अपनी दूसरी पारी की तैयारी में हैं।