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खुशखबरी! दिव्यांगों को CSC देगा प्रशिक्षण, मिलेंगी 5 हज़ार की राशि


gidhaur.com - न्यूज़ डेस्क :
विकलांगजनो के बौद्धिक और शारीरिक क्षमताओ के दृष्टिगत उनके कौशल विकास के लिए सरकारी/गैर सरकारी संस्थानो के माध्यम से प्रशिक्षण आयोजित करके उन्हे स्वयं रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से वसुधा केन्द्र इन विक्लागो के लिए एक स्वर्णिम अवसर लेकर आया है.

40 प्रतिशत या इससे अधिक की विकलांगता से ग्रस्त 18 से 40 वर्ष के व्यक्तियो को चिन्हित कोर्स मे निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। चिन्हित कोर्स मे निशुल्क प्रशिक्षण तथा प्रशिक्षण के दौरान 1000/-रू प्रति माह वित्तिय सहायता भी दी जायेगी।

दिव्यांग अभ्यर्थियों (पीडब्लूडीएस) के अन्नदाता वेतन योजना के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण CSC को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के विकलांग व्यक्तियों (दिव्यांगजन) के सशक्तिकरण विभाग से SIPDA योजना के तहत गिद्धौर के अलावे अन्य क्षेत्रों में भी दिव्यांग उम्मीदवारों (PWD) के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण आयोजित करने का एक नया लक्ष्य हासिल किया है।

विकलांग व्यक्तियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों में सुधार करना डिजिटल इंडिया मिशन के तहत सीएससी एसपीवी के लिए एक प्रमुख उद्देश्य है। भारत में विकलांग व्यक्तियों को रोजगार योग्य कौशल विकसित करने और सार्थक रोजगार प्राप्त करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

जबकि भारत ने विकलांग लोगों (UNCRPD) के अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन की पुष्टि की है, विकलांग लोगों को श्रम बाजार में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

2011 की जनगणना के अनुसार, भारत में विकलांगों (PwD) के साथ 2.68 करोड़ (1.50 करोड़ पुरुष और 1.18 करोड़ महिला PwD) हैं। हालांकि, विकलांग व्यक्ति भारत की जनसंख्या का एक महत्वपूर्ण प्रतिशत हैं, "रोजगार के लिए विकलांग अधिनियम, 1995" के कार्यान्वयन के बावजूद, सार्थक रोजगार की उनकी आवश्यकता काफी हद तक बनी हुई है।

गिद्धौर में csc संचालक दिलीप कुमार दास ने बताया कि इन प्रशिक्षण के अंतर्गत - डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, डोमेस्टिक बायोमेट्रिक डाटा ऑपरेटर, ट्रेनिंग एसोसिएट, हाउस कीपिंग अटेंडेंट, CRM डोमेस्टिक नॉन-वौइस् जैसे कई महत्वपूर्ण कोर्स शामिल हैं. गिद्धौर एवं इसके क्षेत्र अंतर्गत रहने वाले विकलांग वसुधा केंद्र गिद्धौर में पंजीकरण करा क्रर लाभान्वित हो सकते हैं.

इलाके भर के दिव्यांग जन इस सरकारी योजना का लाभ उठाकर स्वयं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बना सकते है.