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गिद्धौर : बाल श्रम उन्मूलन दिवस पर कन्या मध्य विद्यालय की छात्राओं ने निकाली प्रभात फेरी

gidhaur.com(न्यूज डेस्क)  :-  झमाझम बारिश के बाद सोमवार के अहले सुबह, गिद्धौर की सड़कों पर कन्या मध्य विद्यालय की छात्राएं उतरी।
मौका था बाल श्रम उन्मूलन दिवस का, जब प्रभात फेरी निकालते हुए उक्त विद्यालय की छात्राओं ने बाल मजदूरी हटाने को लेकर विभिन्न नारे लगाए और गिद्धौर बाजार का भ्रमण कर जागरूकता फैलाया।
प्रभात फेरी की शुरूआत विद्यालय प्रांगण से ही हुई जहां विद्यालय के शिक्षक सह इस प्रभात फेरी के नेतृत्वकर्ता राजवंश केशरी ने छात्राओं को बाल मजदूरों की स्थिति, बाल श्रमिकों की शिक्षा आदि के संदर्भ में जानकारी दी। वहीं गिद्धौर की सड़कों पर प्रभात फेरी निकालने वाली कन्या मध्य विद्यालय की छात्राओं ने बालश्रम को एक सामाजिक अभिशाप की संज्ञा देते हुए इसे जड़ से समाप्त किये जाने पर बल दिया।
इसी संदर्भ में पूछे जाने पर विद्यालय के शिक्षक सह इस प्रभात फेरी के नेतृत्वकर्ता राजवंश केशरी ने कहा कि बच्चे ही राष्ट्र की सर्वश्रेष्ठ पूंजी होते हैं। ऐसे बच्चे जब सामाजिक मुख्यधारा से विमुख हो जाते हैं, तो देश के विकास पर ग्रहण सा लग जाता है। प्रभात फेरी का उद्देश्य आम जनमानस में जागरूकता फैलाना है, ताकि बाल श्रम पर विराम लग सके।

बता दें कि, कन्या मध्य विद्यालय की छात्राएं प्रभात फेरी निकालते हुए काफी उत्साहित नजर आ रही थी।
विदित हों कि,जमुई समाहरणालय की बाल संरक्षण ईकाई द्वारा जारी एक आदेश पत्र में समाज कल्याण विभाग, पटना (बिहार) के प्रधान सचिव ने 20 अप्रैल को जारी किए गए पत्रांक 942 के माध्यम से बाल श्रम एवं मानव व्यापार की रोकथाम हेतु जिला स्तर पर दिनांक 30/4/2018 (National Anti Child Labour Day) से 20/11/2018 (अंतर्राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण दिवस) तक अभियान चलाने की बात कही है। इसी क्रम में आज सभी सरकारी एवं गैर सरकारी  विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के द्वारा बाल श्रम एवं मानव व्यापार के रोकथाम के संदर्भ में जागरूकता फैलाने के लिए प्रभात फेरी के आयोजन का निर्देश दिया गया था।
पाठकों को जानकारी से अवगत करते चलें कि,  सरकार ने विमुक्त बाल मजदूर एवं उनके परिवार के लिए कई प्रकार के सरकारी लाभ की घोषणा कर रखी है लेकिन लचर सरकारी व्यवस्था के कारण बाल मजदूरों के परिवारों को सरकारी लाभ नहीं मिल पाता। इससे निदान पाने हेतु वर्तमान समय में एक ऐसे सामाजिक परिवेश के निर्माण की जरूरत है, जहां बच्चों को बिना किसी डर एवं भेदभाव के अपने सर्वांगीण विकास का अवसर मिल सके।
(अभिषेक कुमार झा)
गिद्धौर30/4/2018, सोमवार
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