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राष्ट्रीय फलक पर जमुई का नाम रौशन करने वाले खिलाड़ी हुए सम्मानित


Gidhaur.com (विशेष) : इन्सान की प्रतिभा को किसी बंदिश में नहीं रखा जा सकता। प्रबल इच्छा, मेहनत, लगन, जोश और जूनून से सुविधा, संसाधन एवं प्रोत्साहन की कमी के बावजूद भी प्रतिभावान व्यक्ति अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाकर दिखाते हैं। कुछ ऐसा ही किया है जमुई के नन्हे होनहारों ने जिन्होंने राष्ट्रीय फलक पर जमुई का नाम रौशन किया है और अपनी इस उपलब्धियों पर जमुईवासियों को इतराने का मौका दिया है। 

देश के विभिन्न शहरों में पिछले दिनों आयोजित हुए अलग-अलग एथेलेटिक्स चैंपियनशिप में जमुई के होनहारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कई पदक हासिल किये। बुधवार की सुबह जमुई के खेलप्रेमी लोग के. के. एम कॉलेज मैदान में इन उभरते खिलाड़ियों को सम्मानित करने एकत्रित हुए।

कई प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा जमुई जिला अपने आप में कई प्रतिभाशाली हस्तियों को समेटे हुए है। जमुई के बरुअट्टा के रहने वाले योगेंद्र पंडित की पुत्री अंजनी कुमारी ने गुंटूर में 17 से 22 नंवबर को आयोजित हुए इंटर नेशनल जूनियर मीट में जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) में रजत पदक प्राप्त किया।

वहीं डुमरकोल के बालमुकुन्द यादव के बेटे सुदामा कुमार ने भोपाल में हुए विद्यालय स्तरीय प्रतिस्पर्धा में जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) में कांस्य पदक हासिल किया है। इसके अलावा  एक और पदक इनके नाम है। विशाखापट्टनम में 24 से 26 नवम्बर तक आयोजित हुए राष्ट्रीय अंतर जिला जूनियर एथेलेटिक्स मीट में इन्होंने स्वर्ण पदक जीता है। इस पदक को जीतने के साथ ही सुदामा कुमार ने एक नया रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है। इस प्रतिस्पर्धा में इन्होने 64.76 मीटर की दूरी तक भला को फेंक कर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। 

जिले के एक छोटे से गाँव दाबिल, जहाँ के लोगों का जीविकोपार्जन बीड़ी मजदूरी, बकरी पालन एवं अन्य छोटे-मोटे धंधों से हो पाता है, वहां के निवासी दिनेश रावत के पुत्र रौशन कुमार ने आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में 17 से 22 नवम्बर तक हुए इंटर नेशनल जूनियर मीट में 100 मीटर की दौड़ रेस में स्वर्ण पदक जीता।

इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के ठीक बाद इसी महीने के 24 से 26 तारिख तक विशाखापट्टनम में आयोजित हुए राष्ट्रीय अंतर जिला जूनियर एथेलेटिक्स मीट में इन्होने लम्बी कूद प्रतियोगिता में 6.76 मीटर की दूरी की छलाँग लगाकर एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस पदक के साथ ही रौशन ने एक नया रिकॉर्ड बनाकर विशाखापट्टनम में बेस्ट एथलीट का पुरुस्कार भी प्राप्त किया। 

इन प्रतिस्पर्धाओं में बिहार के खिलाड़ियों ने 5 पदक जीते, जिनमें से जमुई के 2 खिलाडियों ने स्वर्ण पदक हासिल किया। पर्याप्त संसाधन के अभाव में भी इन खिलाडियों को राष्ट्रीय पटल तक पहुँचाने में माँ शीतला खेल संघ प्रोत्साहन पथ के सदस्यों का बड़ा योगदान रहा जिसके सदस्यों ने आपसी सहयोग से इन खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि दिया गया था। 

सम्मान समारोह को उपस्थित गणमान्यों ने सम्बोधित किया एवं हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए सभी खिलाडियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने को कहा एवं उनका हौसला अफजाई किया। 

इस अवसर पर एथलेटिक्स एसोसिएशन जमुई के सचिव हरेराम सिंह, अध्यक्ष आर्या सिंह, टीम कोच सुमित कुमार, एथलीट आशुतोष कुमार सूरज, डॉ. एस. एन. झा, टी. आर. नारायण स्कूल के निदेशक सुमित कुमार, भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंत्री राहुल भवेश, बागेश्वरी सिंह, विभिन्न मीडिया हाउस के पत्रकार बन्धु, माँ शीतला खेल संघ प्रोत्साहन पथ के सभी सदस्य, पदक विजेता खिलाड़ियों के अभिभावक सहित दर्जनों खेल प्रेमी उपस्थित थे। 

सुशान्त साईं सुन्दरम
Gidhaur.com      |      30/11/2017, गुरुवार