मातृ स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, परिवार नियोजन और एनीमिया मुक्त भारत अभियान की हुई विस्तृत समीक्षा
जमुई/बिहार। जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति एवं प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों की समीक्षा को लेकर मंगलवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिला पदाधिकारी नवीन, भा.प्र.से. की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, नियमित टीकाकरण, यू-विन पोर्टल, एचपीवी टीकाकरण, एनीमिया मुक्त भारत अभियान तथा गैर-संचारी रोग अभियान की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्य पदाधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
बैठक में मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं के प्रसवपूर्व जांच पंजीकरण, प्रथम तिमाही में पंजीकरण तथा चार या उससे अधिक प्रसवपूर्व जांच की उपलब्धि की समीक्षा की गई। जिला स्तर पर प्रसवपूर्व जांच पंजीकरण की स्थिति लक्ष्य के अनुरूप पाई गई, जबकि प्रथम तिमाही में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में कुछ प्रखंडों की उपलब्धि अपेक्षाकृत कम रही। इस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को विशेष ध्यान देते हुए अगली समीक्षा बैठक तक गर्भवती महिलाओं का समय पर शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
संस्थागत प्रसव बढ़ाने पर विशेष जोर
बैठक में संस्थागत प्रसव की स्थिति को लेकर विशेष चिंता जताई गई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि जिले में संस्थागत प्रसव की उपलब्धि राज्य के औसत के अनुरूप निर्धारित लक्ष्य से कम है। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने तथा गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी और संपर्क सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने, प्रसव के दौरान उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने और उन्हें संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करने की दिशा में स्वास्थ्यकर्मी सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही संस्थागत प्रसव से संबंधित आंकड़ों की यू-विन पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
परिवार नियोजन सेवाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने का निर्देश
परिवार नियोजन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान महिला नसबंदी की प्रगति का जायजा लिया गया। कम उपलब्धि वाले प्रखंडों में विशेष प्रयास करने तथा योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन सेवाओं और उपलब्ध साधनों की जानकारी देने पर जोर दिया गया। जिला पदाधिकारी ने कहा कि परिवार नियोजन के विभिन्न विकल्पों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाई जाए, ताकि योग्य दंपति अपनी आवश्यकता के अनुसार सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
नियमित टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य पर जोर
नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान विभिन्न पोर्टलों पर उपलब्ध आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया। कम उपलब्धि वाले क्षेत्रों को चिह्नित करते हुए वहां विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया, ताकि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण की सुविधा से वंचित न रहे। जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नियमित निगरानी करते हुए टीकाकरण की सेवाएं शत-प्रतिशत बच्चों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
एचपीवी टीकाकरण में छूटे लाभार्थियों को चिह्नित करने का निर्देश
बैठक में मानव पैपिलोमा वायरस टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान एचपीवी टीकाकरण से छूटे लाभार्थियों को चिह्नित कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके लिए शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया, ताकि अभियान में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जा सके।
साथ ही एचपीवी के लिए गार्डासिल टीके के टीकाकरण की उपलब्धि में सुधार लाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। अधिकारियों को विद्यालय स्तर पर जागरूकता एवं समन्वय बढ़ाकर पात्र लाभार्थियों तक टीकाकरण की सुविधा पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
एनीमिया और गैर-संचारी रोगों की जांच में तेजी लाने का निर्देश
बैठक में 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक संचालित किए जा रहे एनीमिया मुक्त भारत अभियान तथा 2 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाए जा रहे गैर-संचारी रोग अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने अभियान के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप अधिक से अधिक लोगों की जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जांच के दौरान चिह्नित मरीजों को केवल चिन्हित करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के साथ नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की निगरानी और अनुवर्ती कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों को लाभार्थियों की नियमित निगरानी और समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को इन अभियानों की नियमित रूप से संध्याकालीन समीक्षा बैठक आयोजित करने को कहा। उन्होंने सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, समय पर आंकड़ों की पोर्टल पर प्रविष्टि, लाभार्थियों की निगरानी तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मी उपस्थित रहे।







